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हॉकिन्स व्याख्यान और किताबें कैसे आसानी से पढ़ सकते थे ? कभी सोचा है आपने नहीं आइये जानते हैं उस रहस्य को....

हॉकिन्स व्याख्यान और किताबें कैसे आसानी से पढ़ सकते थे ? कभी सोचा है आपने नहीं आइये जानते हैं उस रहस्य को....

हम सभी ने स्टीफन हॉकिन्स के बारे में सूना है जो कि महान भौतिक विज्ञानी थे जिनको अन्तरिक्ष और टाइम पर काम करने के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है | लेकिन क्या आप जानते है की कैसे एक व्हीलचेयर पर जिंदगी बिताने वाला आदमी जो मुश्किलों से अपनी मास पेशियों को इधर उधर ले जा सकता था तो कैसे वो व्याख्यान और किताबें आसानी से पढ लेता था ?चलिये आप को बताते है की कैसे हॉकिन्स किसी से बात करते थे |

आपको बता दे की कि 22 साल की उम्र में हॉकिन्स को एमीट्रौफिक लेटरल कैंसर से ग्रसित बता दिया गया था जो की एक इस तरह की बिमारी है जिसमे किसी व्यक्ति के दिमाग में पाए जाने वाले न्यूट्रोंस ख़त्म होते रहते हैं |

जिसकी वजह से मस्पेशियाँ का हिलना डूलना बंद हो जाता है और किसी चीज को निगलने ,बात करने और अंत सांस लेने में कठिनाई होने लगती है | हॉकिंग को इस बिमारी से पीड़ित होने के बाद जीवित रहने के लिए 2 साल का की समय बताया गया था लेकिन वह आधे से ज्यादा सदी तक जीवित रहे |

हॉकिन्स बोलने और किसी से बात करने के लिए इंटेल कम्पनी के द्वारा बनाया गया ऐसा डिवाइस काम में लेते थे ,जिसे स्पीच जनरेटिंग डिवाइस कहा जाता है |किसी सुचना को अपने कम्प्यूटर में रखने के लिए हॉकिन्स अपने चश्मे में लगा एक स्विच काम में लेते थे जो की उनके गाल के सहारे औपरेट किया जाता था |

इस सौफ्टवेयर में रो और कॉलन के अनुसार एक कर्सर मूव होता है फिर हॉकिंग अपने गाल के सहारे से किसी भी लैटर का चयन कर सकते थे |अलग –अलग अक्षरों का चयन इस प्रकार किया जाता था कि जिससे वो क्या कहना चाह रहे हैं उसका एक पूरा एक वाकय बनाया जा सके |

इसके साथ ही सौफ्टवेयर को कुछ इस तरह से डीसाइन किया गया था कि वे अक्सर जो शब्द इस्तेमाल करते थे उनको मिलकर वो खुद ही एक वाक्य बना लेते थे जिससे कि उनका आवश्यक समय और प्रयास कम हो जाता था |बात करने और लिखने के साथ-साथ इस सौफ्टवेअर की मदत से अपना ईमेल जांचना ,अन्तर ब्राउज करना और नोट्स बनाने जैसे कई काम कर सकते थे |

इस तरह इस सौफ्टवेअर की मदत से और इंटेल की टीम के सहयोग से मासपेशियों पर नियंत्रण रखने के साथ ही वे हर तरह की समस्या से निपटने में कामयाब रहे |    

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