कृषि

जाज्वल्य देव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला 2018 किसानो की आय बढ़ाने और नई तकनीक के उपयोग के बारे में जानकारी दी

जाज्वल्य देव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला 2018 किसानो की आय बढ़ाने और नई तकनीक के उपयोग के बारे में जानकारी दी

जांजगीर-चांपा, :-जाज्वल्य देव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला में आज कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कृषक संगोष्ठी में कृषि से संबंधित विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों ने कृषकों को नवीन तकनीकी की जानकारी दी। वैज्ञानिकों ने 2022 तक किसानों की आय को दुगुना करने तथा फसल अवशिष्ट के उचित प्रबंधन के बारे में बताया। रायपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. के. पी. वर्मा ने फसल अवशिष्ट प्रबंधन की जानकारी देते हुए बताया कि खेत में पुआल (पैरा) जलाने से वायु प्रदूषण होता है, जो मानव स्वास्थ्य के प्रतिकुल है। वरिष्ठ वैज्ञानिक बिलासपुर डॉ. जे. आर. पटेल ने रबी फसलों पर शस्य क्रियाएं की विस्तृत जानकारी दी। इसी प्रकार इंजीनियर देवेश पांडेय द्वारा रबी फसलों में जल प्रबंधन की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि ग्रीष्मकाल में धान के स्थान पर दलहन, तिलहन लगाना उचित है। कम पानी में यह फसल तैयार हो जाता है। मिट्टी की उर्वरा बनी रहती है। वरिष्ठ वैज्ञानिक बिलासपुर के डॉ. ए. के. अवस्थी रबी मौसम में विभिन्न फसलों में कीट व्याधि की रोक थाम के लिए कृषि विभाग के मैदानी अमलों से सम्पर्क कर दवा का छिड़काव करने की सलाह दी। वरिष्ठ वैज्ञानिक रायपुर डॉ. शशि ने बताया कि पशुपालन कर कृषक अपने आय मंे वृद्धि कर सकते है। दुधारू पशु के रखरखाव तथा दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के संबंध में तकनीकी जानकारी दी। कृषि महाविद्यालय तथा कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों ने भी तकनीकी जानकारी दी। संगोष्ठी में राज्य के प्रगतिशील कृषकों ने अनुभव के बारे में बताया। प्रगतिशील कृषक श्री ईश्वर बघेल के द्वारा कन्द वर्गीय फसलों के उत्पादन वृद्धि की तकनीकी जानकारी दी गई। उन्होंने सब्जी वर्गीय फसलों के उत्पादन की तकनीकी जानकारी दी। छोटी जगह में सब्जी वर्गीय तथा शोभायमान पौधे लगाने की जानकारी दी। हरियाली दीदी के नाम से विख्यात श्रीमती पुष्पा साहू के द्वारा अपने घर की छत को पूरी तरह से हरियाली में बदल दी है। उन्होंने घर की छत में सब्जी वर्गीय पौधे लगाकर अतिरिक्त आय प्राप्त करने के संबंध में बताया।

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