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  जानिए क्या है मल्टी कट धनिया जल्द ही आ रहा है ’पंत हरीतिमा’आपके बिच

जानिए क्या है मल्टी कट धनिया जल्द ही आ रहा है ’पंत हरीतिमा’आपके बिच

पत्तियां बेचने के बाद लीजिए बीज का भरपूर उत्पादन
इंदिरा गांधी कृषि विष्व विद्यालय के सब्जी वैज्ञानिको ने तैयार की धनिया की नई प्रजाति नाम दिया ’पंत हरीतिमा’
बिलासपुर। अब पत्तियांे और बीज के लिए अलग-अलग धनिया बीज की जरुरत नही पड़ेगी। पहली बार सब्जी वैज्ञानिकों ने धनिया की ऐसी प्रजाति तैयार करने में सफलता हासिल कर ली है जिसकी पत्तियां तेज खुष्बू देती है और भरपूर बीज भी मिलते हैं। एक ही पौधे में दोनेां गुणों के एक साथ मिलने वाली इस प्रजाति को मल्टी-कट पंत हरीतिमा नाम दिया गया है।
    धनिया उत्पादक किसानों के लिए यह नई रिसर्च नि;संदेह राहत देने वाली कही जा सकती हैै। जिस तरह मसालों की खेती को प्रोत्साहन दिया जा रहा है और किसान रुझान भी दिखा रहे हैं उसके बाद हर जिले  में धनिया की खेती का रकबा हर साल बढ़त ले रहा है। अभी तक  किसान बाजार में उपलब्ध धनिया की दो अलग प्रजाति के बीज की कीमत और उत्पादन को लेकर परेषान रहे है। वे किसान जो सब्जी के लिए पत्तियों वाली धनिया की फसल लेते है उनके लिए अलग बीज आते है। वही बीज उत्पादक किसानों के लिए बीज की अलग प्रजाति है। इस तरह एक ही फसल की दो अलग-अलग प्रजाति की खेती पर खर्च अधिक आता है। उत्पादन के आंकड़े भी भिन्न-भिन्न होते हैं। इन्ही दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए इंदिरा गांधी कृषि विवि ने इस पर अनुसंधान की योजना बनाई। एक और वजह यह थी कि प्रदेष में धनिया की आपूर्ति महाराष्ट्र से होती है। इस निर्भरता को भी खत्म करना था। इस पर हुई कोषिष ने पंत नगर स्थित कृषि विवि से ऐसे बीज मंगवाए गए जो छत्तीसगढ़ की जमीन और जलवायु के अनुकूल हों। दो साल के प्रयास के बाद धनिया के ऐसे बीज तैयार करने में सफलता मिल गई जिसे पंत हरीतिमा नाम दिया गया है। आगामी अप्रैल माह से इसके बीज किसानों को मिलने लगेंगे।
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ऐसी है मल्टी-कट पंत हरीतिमा
विष्वविद्यालय के सब्जी वैज्ञानिको ने धनिया की जो नई प्रजाति विकसित की है उसमें इसकी पत्तियां गहरे हरे रंग की हैं साथ ही इसकी पत्तियां तेज सुगंध देती हैं। पत्तियां बेची जाने के बाद इन्ही पौधों में धनिया के बीज तैयार होंगे याने एक ही पौधे से पत्तियां और बीज एक साथ। इस तरह किसानों को पत्ती और बीज वाले अलग-अलग धनिया बीज की खरीदी नही करनी पड़ेगी।
 
75 दिनोें में तैयार 
प्ंात हरीतिमा मल्टी-कट धनिया की बुवाई नवंबर माह में की जाने के बाद फसल फरवरी मध्य तक आएगी। बीच-बीच में स्थिति देखकर पत्तियों की तोडाई की जा सकेगी। रिसर्च में प्रति एकड़ 10 से 12 क्विंटल उत्पादन का होना पाया गया है। पंत हरीतिमा मल्टी कट धनिया की खेती  हर जिले की जमीन और जलवायु में की जा सकती है। 
 
इन्होनें किया रिसर्च 
इंदिरा गांधी कृषि विवि ने इस महत्वपूर्ण योजना की कमान सब्जी विज्ञान के प्रमुख वैज्ञानिक डा. धनंजय षर्मा को सौपीं। वरिष्ठ सब्जी वैज्ञानिक डा. जितेन्द्र सिंह और डा. अमित दीक्षित की टीम ने योजना को सफलता के मुकाम तक पहुंचाया।
 
मल्टी कट पंत हरीतिमा के बीज से तैयार पौधांे से पत्ती और बीज दोनों मिलेंगें। किसान अब इस तरह रिसर्च के बाद बीज और पत्ती के लिए दो अलग खर्चे से बच सकेंगें। भरपूर उत्पादन देने वाली धनिया का यह बीज अगले माह से कृषि विवि के सब्जी विभाग से मिलेंगें।
-डा. अमित दीक्षित,सीनियर साइंटिस्ट, वेजिटेबल साइंस, इंदिरा गांधी विवि रायपुर

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