कृषि

तैयार हुआ बाॅटनिकल पेस्टीसाइड्स‘ किसान अपने घर पर ही बिना किसी लागत के कर सकेंगे तैयार। जीवाणु  और फफूंदजनित रोग से फसलों को मिलेगी निजात

तैयार हुआ बाॅटनिकल पेस्टीसाइड्स‘ किसान अपने घर पर ही बिना किसी लागत के कर सकेंगे तैयार। जीवाणु और फफूंदजनित रोग से फसलों को मिलेगी निजात

भाटापारा।फसलों में कीट प्रकोप की बढ़ती षिकायत और बचाव के लिए कीटनाषक दवाओं के उपयोग के बाद धान और सब्जी पर पड़ते प्रतिकूूल असर से बचाव के उपाय के बीच खरपतवार की ऐसी 144 प्रजातियां मिली है।जिनमे जीवाणु और फफूदजनित रोग खत्म करने के गुण मिले हैं। इन गुणों के खुलासे के बाद इन खरपतवारों की मदद से ‘बाॅटनिकल पेस्टीसाइड्स‘बना सकते हैं।
धान की खेती और सब्जी उत्पादन में कीट प्रकोप अब व्यापक समस्या बनती जा रही हैै। फसल बचाने के उपाय पर किसानों को काफी रकम खर्च करनी पड़ती है। जो दवाएं बाजार में उपलब्ध हैं वे काफी महंगे हैं। इसके साथ ही इस बात की कोई गारंटी नहीं कि कीट प्रकोप से पूरी तरह छुटकारा मिल ही जाएगा। ऐसे में फसल को बर्बाद होता देखने के सिवाए कोई उपाय नहीं। जैविक खेती को लेकर किसानेां के बढ़ते रुझान के बीच अब कीट प्र    कोप से बचने के लिए एक ऐसा उपाय खोज निकाला गया है जिसे ‘बाॅटनिकल पेस्टीसाइड्स‘ के नाम से जाना जाएगा। यह ‘बाॅटनिकल पेस्टीसाइड्स‘ प्रदेष के जंगलों में खोजे गउ ऐसे 144 खरपतवार से ेबनाए जा सकेंगे जिनसे जीवाणु जनित और फफंूद जनित रोगों से फसलों को बचाया जा सकेगा।सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह ‘बाॅटनिकल पेस्टीसाइड्स‘ किसान अपने घर पर ही बिना किसी लागत के तैयार कर सकेंगे। इस सफलता के बाद अब इससे बीज उपचार की कोषिष की जा रही है ताकि स्वस्थ बीज किसानों तक पहुंच सके।    
 इन खरपतवार से ‘बाटनिकल पेस्टीसाइड्स‘
ऐसा कोई जिला नहीं होगा जहां के खेतों की मेड़ में ‘बनतुलसा‘ ‘चिरचिरा‘ ‘गोरखमुंडी‘, ‘भेंभरा‘ और ‘अकरकरा‘ नजर नहीं आते । इसके अलावा 139 ऐसे और खरपतवार की पहचान हुई है जिनमें से कुछ के पत्तों में तो कुछ में पूरे पौधे ही ऐसे औषधिय गुणों से भरपूर है जिनकी मदद से कीट प्रकोप पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
 ऐसे बनाएं ‘बाॅटनिकल पेस्टीसाइड्स‘
इन खरपतवारों की पत्तियों और पूरे पौधे को एक लीटर गौ-मूत्र के साथ मिट्टी के मटके में मिलाएं। एक पखवाड़े के बाद इससे जो ‘बाॅटनिकल पेस्टीसाइड्स‘ तेैयार होगा वह 100 लीटर कीटनाषक दवा के बराबर क्षमतावान होगा। गौ-मूत्र और खरपतवार की मात्रा बढ़ाने पर आनुपातिक रुप से ऐसे कीटनाषक ‘बाॅटनिकल पेस्टीसाइड्स‘ तैयार होगा जो सब्जी ओैर धान की फसल पर कीट प्रकोप से छुटकारा दिला सकेगा।
 
प्रदेष के जंगलों से मेडिषनल वैल्यू रखने वाले ऐसे 144 खरपतवार संग्रहित किए गए हैं जिनमें जीवाणु और फफंूद जनित रोग से छुटकारा दिलाने के गुण हैं। रिसर्च में मिली सफलता के बाद इससे ‘बाॅटनिकल पेस्टीसाइड्स‘ तैयार किया जा सकता है।
-डा. आर. के. एस. तिवारी,प्रो.सांइटिस्ट, टीसीबी काॅलेज आॅफ एग्री.रिसर्च स्टेषन, बिलासपुर

 

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