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झारखंड क्रिकेट बोर्ड का मेंबर बनने के लिए 941 लोगों ने दी लिखित परीक्षा, पूछे गए भगवान राम की बहन का नाम जैसे सवाल, 300 लोगों को आए ज़ीरो मार्क्स

झारखंड क्रिकेट बोर्ड का मेंबर बनने के लिए 941 लोगों ने दी लिखित परीक्षा, पूछे गए भगवान राम की बहन का नाम जैसे सवाल, 300 लोगों को आए ज़ीरो मार्क्स

भगवान राम की इकलौती बहन का क्या नाम था? ग्रीक एथेना और रोमन मिनर्वा के समान कौन सी भारतीय देवी है? “अगर कोई चीज निश्चित है तो ये कि मैं खुद एक मार्क्‍सवादी नहीं हूँ” ये वाक्य किसने कहा था ? अगर आप इन सवालों के जवाब नहीं जानते हैं तो शायद आप झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (JSCA) के मेंबर बनने के लायक नहीं है। हाल ही में JSCA के मेंबरशिप के लिए लिखित परीक्षा कराई गई थी, जिसमें क्रिकेट से नॉन क्रिकेटर्स हिस्सा ले सकते थे। परीक्षा रविवार को कराई गई, जिसमें 941 उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया था। इस परीक्षा की खास बात रही कि क्रिकेट मेंबरशिप के इस एग्जाम में “भगवान राम की बहन का नाम” समेत कुल 40 सवाल किए गए। 45 मिनट की समयावधि वाली परीक्षा में अधिकतर लोग इन सवालों का जवाब नहीं दे पाए।

300 लोगों को आए ज़ीरो मार्क्स

इतना ही नहीं परीक्षा में 300 लोग तो खाता ही नहीं खोल पाए और उनके जीरो मार्क्स आए, वहीं करीब 200 लोग दो तिहाई सवालों का ही सही जवाब दे पाए। सबसे ज्यादा सही जवाब देने वाले परीक्षार्थी के 17 नंबर आए। हालांकि गलत जवाब देने पर कोई निगेटिव मार्किंग नहीं रखी गई थी, इसके अलावा एसोसिएशन ने पासिंग मार्क्स की सीमा भी नहीं बताई थी।

 

उम्मीदवारों को परीक्षा से पहले बताया गया था कि प्रश्न पत्र में 20 सवाल घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से होंगे, वहीं क्रिकेट से अलग अंतरराष्ट्रीय व घरेलू खेलों, देश, राज्य और सामान्य ज्ञान से जुड़े 5-5 सवाल किए जाएंगे। लेकिन परीक्षार्थियों को अंदाजा नहीं था कि उनसे पुराणशास्र, राजनीति, इतिहास और यहां तक कि वामपंथी दर्शनशास्र से जुड़े सवाल भी किए जाएंगे, जिससे पता लगाया जा सके कि वह क्रिकेट एसोसिएशन के मेंबर बनने लायक हैं या नहीं।

 

एसोसिएशन के प्रेसिडेंट अमिताभ चौधरी ने कहा, “किसी भी स्टेट एसोसिएशन ने इस तरह की पहल (नॉन क्रिकेटर्स को चुनना) नहीं कराई गई। लोगों के उत्साह से हम काफी खुश हैं। जल्द ही एक मैनेजिंग कमेटी मीटिंग बुलाई जाएगी और तय किया जाएगा कि किसे JSCA का मेंबर चुना जाए।” दरअसल यह लिखित परीक्षा नॉन क्रिकेटर्स को JSCA से जोड़ने के उद्देश्य से कराई गई एक पहल थी, जिसका फैसला लोढ़ा कमेटी की हाल में आए निर्देशों के मद्देनजर लिया गया था। बता दें कि लोढ़ा कमेटी ने निर्देश दिए हैं कि BCCI और इसकी राज्य यूनिट्स को चलाने के लिए ज्यादा पारदर्शिता लाई जाए।

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