राजधानी

भाजपा प्रदेशा उपाध्यक्ष भाटापारा विधायक शिवरतन शर्मा ने कोरोना को लेकर सरकार पर लगाये कई आरोप .....

भाजपा प्रदेशा उपाध्यक्ष भाटापारा विधायक शिवरतन शर्मा ने कोरोना को लेकर सरकार पर लगाये कई आरोप .....

भाटापारा- भाजपा के प्रदेश। उपाध्यक्ष ने प्रदेश में जारी कोरोना महामारी के लिए प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री के गलत नीतियों को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि कोवेक्सीन प्रदेश में केंद्र ने भेज दिया था लेकिन सरकार और उसके मंत्री उसे लेकर सिर्फ राजनीति करते रहे। यदि कोवेक्सीन समय पर लोगों को लगा दिया गया होता तो यह स्थिति नहीं आती। वर्तमान परिस्थिति एवं संक्रमण से बिगडते हालात के मद्देनज़र भाजपा द्वारा प्रदेश मे वर्चुवल प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया जिसके तहत जिला स्तर पर भाजपा के नेताओं द्वारा प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया, इसी कड़ी मे प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष एवं भाटापारा विधायक शिवरतन शर्मा द्वारा बलौदाबाजार भाटापारा जिला का प्रतिनिधित्व करते हुए वर्चुवल प्रेस वार्ता मे संक्रमण के हालात पर खुलकर चर्चा की गयी, एवं बिगडते हालात के लिए उनके द्वारा सरकार की खामियां गिनाई गई संक्रमण मे छत्तीसगढ़ पहले नंबर पर उन्होने कहा कि छत्तीसगढ़ भयंकरतम स्थिति से गुजर रहा है, भयावह स्थिति है, संक्रमितों का आंकड़ा 6लाख के निकट पंहुचनें वाला है, रिकवरी रेट गिरकर 74प्रतिशत पर पंहुच गया है, पांच हजार से अधिक लोग अपनी जान गवां चुके है, रोज सैकड़ो मौते हो रही हैं, ऐसे बिगडते हालात के बीच सरकार का रवैया सक्रियता के बजाय संवेदनहीनता का नजर आ रहा है, बदतर स्थिति का आलम यह है कि परिजनों को दो दो तीन तीन दिन तक लाश नहीं मिल रही है, साथ ही साथ डाक्टरों को घटिया मास्क और पीपीई कीट दिये जा रहें है, जिसके चलते उनके जोखिम का खतरा और भी ज्यादा बढ़ गया है, जिसके चलते उन्हे हड़ताल की चेतावनी भी देनी पड़ी, कुल मिलाकर छत्तीसगढ़ के हालात बद से बदतर हो रहा है, और सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है टीके को बदनाम करने का पाप विधायक का कहना है कि छत्तीसगढ़ मे बिगडते हालत की अहम वजह है सरकार द्वारा परिस्थिति के मद्देनजर ठोस कदम उठाने के बजाय सियासी दांवपेंच मे उलझे रहना जिसके तहत उनके द्वारा भारतीय वैक्सीन को बदनाम करने का पाप भी किया गया है, जिस टीके की दुनियां भर मे तारीफ हो रही है, उसे बदनाम नहीं किया गया होता भ्रम की स्थिति नहीं पैदा की गयी होती तो आज ऐसी भयावह स्थिति निर्मित नहीं होती, और अभी शायद छत्तीसगढ़ मे वैक्सीनेशन की प्रक्रिया पूर्णता की ओर पंहुच चुकी होती। कालाबाजारी अक्षमता और भ्रष्टाचार विपदा के इस हालात मे नीरो की तरह चैन की बंशी बजाने जनता को अपने हाल मे छोड़ कर असम चुनाव मे मशगूल रहनें का मुख्यमंत्री पर आरोप लगाते हुए विधायक का यह भी कहना है कि सरकार इतनी संवेदनहीन हो चुकी है कि लगातार प्रदेश मे रेमडिसिविर इंजेक्शन की कमी और कालाबाजारी हो रही है, परंतु प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव इस विषय पर मौन है, और न ही ठोस कदम उठा रहें है, उल्टे दोनों की सियासी शीत युद्ध चर्चा का विषय बना हुआ है।और इन्ही विडम्बनाओं का खामियाजा पूरा प्रदेश भुगत रहा है, जिसकी बानगी कोविड जैसे महत्वपूर्ण बैठकों मे भी घृणित राजनीति के रुप मे सामनें आ रही है।

Leave a comment