राजधानी

 राज्य शासन द्वारा स्कूलों के शैक्षणिक सत्र 20-21 के लिए प्रवेश प्रक्रिया निर्धारित : प्रवासी मजदूरों के बच्चों को भी स्कूलों में मिलेगा प्रवेश

राज्य शासन द्वारा स्कूलों के शैक्षणिक सत्र 20-21 के लिए प्रवेश प्रक्रिया निर्धारित : प्रवासी मजदूरों के बच्चों को भी स्कूलों में मिलेगा प्रवेश

कक्षा 11वीं को छोड़कर सभी कक्षाओं की प्रवेश प्रक्रिया15 अगस्त तक पूर्ण करने  जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी 

कक्षा 11वीं में प्रवेश के लिए स्कूलों में निःशुल्क फॉर्म 31 अगस्त तक लिए जमा किए जा सकेंगे

रायपुर, 31 जुलाई 2020 राज्य शासन द्वारा स्कूलों के शैक्षणिक सत्र 2020-21 के प्रवेश की प्रक्रिया निर्धारित कर दी है। निर्धारित प्रवेश प्रक्रिया में प्रवासी मजदूरों के बच्चों को भी स्कूलों में प्रवेश दिया जाएगा। कक्षा 11वीं को छोड़कर अन्य सभी कक्षाओं के लिए प्रवेश की प्रक्रिया 15 अगस्त तक पूर्ण करने कहा गया है। कक्षा 11वीं प्रवेश के लिए निःशुल्क फॉर्म स्कूलों के काउंटरों पर 31 अगस्त तक उपलब्ध रहेंगे। विद्यार्थी निःशुल्क फॉर्म काउंटर से प्राप्त करके प्रवेश के लिए 31 अगस्त तक ही जमा कर सकेंगे। राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। निर्देश में यह भी कहा गया है कि संचालक लोक शिक्षण का यह कर्तव्य होगा कि प्रवेश दिए गए विद्यार्थियों को निःशुल्क गणवेश, छात्रवृत्ति, मध्यान्ह भोजन, निःशुल्क सायकल वितरण आदि सभी योजनाओं का लाभ पात्रता अनुसार विद्यार्थियों के घर पर ही उपलब्ध कराया जाए।

    जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी निर्देश में कहा गया है कि कोरोना वैश्विक महामारी के संक्रमण से बचाव को देखते हुए वर्तमान में सभी स्कूल बंद हैं इस कारण स्कूलों में प्रवेश की प्रक्रिया प्रारंभ नहीं हो पाई है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों में पढ़ई तुंहर दुआर योजना के अंतर्गत ऑनलाईन और ऑफलाईन मोड में अनेक योजनाएं चलाई जा रही है, जिससे बच्चों को घर बैठे पढ़ने-सीखने में मदद मिल सके। इन योजनाओं का तभी लाभ मिल सकेगा जब बच्चों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें भी घर बैठे मिले। पाठ्य पुस्तकों के वितरण के लिए बच्चों को अगली कक्षा में प्रवेश कराया जाना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त स्कूल शिक्षा विभाग की अन्य अनेक योजनाओं का लाभ तभी मिल सकेगा जब इन बच्चों के प्रवेश की प्रक्रिया पूर्ण होगी। इसमें निःशुल्क गणवेश, छात्रवृत्ति, मध्यान्ह भोजन, निःशुल्क सायकल वितरण आदि अनेक योजनाएं शामिल हैं। इन सभी को दृष्टिगत रखते हुए अकादमिक सत्र 2020-21 के लिए प्रवेश प्रक्रिया निर्धारित की गई है।
    निर्धारित प्रवेश प्रक्रिया में बताया गया है कि क्योंकि राज्य शासन द्वारा कक्षा 10वीं और 12वीं को छोड़कर अन्य सभी कक्षाओं में जनरल प्रमोशन दिया गया है। कक्षा पहली से 8वीं और कक्षा 11वीं के विद्यार्थियों को स्वमेव अगली कक्षाओं में प्रवेश दे दिया जाए। इसके लिए विद्यार्थियों को किसी प्रकार का आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। स्कूलों के प्राचार्य बिना किसी आवेदन के इन कक्षाओं के बच्चों का नाम अगली कक्षा के रजिस्टर में अंकित करके उन्हें अगली कक्षा में प्रवेश देंगे।
    विभिन्न प्रकार के स्कूलों में प्रवेश के लिए भी प्रक्रिया निर्धारित की गई है। सभी प्राथमिक विद्यालयों में जो विद्यार्थी गत वर्ष कक्षा पहली से चौथी में अध्ययनरत थे उनका नाम कक्षा दूसरी से कक्षा 5वीं के रजिस्टर में अगली कक्षा में अंकित करके प्रवेश दिया जाएगा।
    ऐसे विद्यालय जहां प्राथमिक के साथ-साथ उच्च प्राथमिक विद्यालय भी संचालित हैं वहां जो विद्यार्थी गत वर्ष कक्षा 5वीं में अध्ययनरत थे उनका नाम इस वर्ष कक्षा 6वीं में दर्ज कर लिया जाएगा। वे प्राथमिक विद्यालय जिनके साथ उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित नहीं है उनके प्रधान पाठक अपने विद्यालय के गत वर्ष कक्षा 5वीं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के नाम उस उच्च प्राथमिक विद्यालय में दर्ज कराएंगे जहां पर सामान्य रूप से उस प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थी कक्षा 5वीं पास करने के बाद प्रवेश लेते हैं।
    इसी प्रकार समस्त उच्च प्राथमिक विद्यालयों में जो विद्यार्थी कक्षा 6वीं एवं 7वीं में गत वर्ष अध्ययनरत थे उनके नाम इस वर्ष कक्षा 7वीं और 8वीं में दर्ज किए जाएंगे।
    जिन विद्यालयों में उच्च प्राथमिक के साथ-साथ कक्षा 9वीं, कक्षा 10वीं की कक्षाएं भी लगती हैं वहां पर जो विद्यार्थी कक्षा 8वीं में अध्ययनरत थे उनके नाम कक्षा 9वीं में दर्ज कराए जाएंगे। ऐसे उच्च प्राथमिक विद्यालय जिनके साथ कक्षा 9वीं और 10वीं के विद्यालय उसी कैम्पस में नहीं है वहां के प्रधान अध्यापक अपने विद्यालय के उन विद्यार्थियों का नाम जो गत वर्ष कक्षा 8वीं में अध्ययनरत थे ऐसे हाई स्कूल में कक्षा 9वीं में दर्ज कराएंगे। इसी प्रकार उच्च प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थी सामान्य रूप से कक्षा 8वीं पास करने के बाद प्रवेश लेते हैं।
    हाई स्कूल में जो विद्यार्थी कक्षा 9वीं में अध्ययनरत थे उनके नाम इस वर्ष कक्षा 10वीं के रजिस्टर में दर्ज कर लिए जाएंगे। इसी प्रकार हायर सेकेण्डरी स्कूलों में जो विद्यार्थी कक्षा 11वीं में अध्ययनरत थे उनके नाम इस वर्ष कक्षा 12वीं में दर्ज कर लिए जाएंगे।
    कक्षा 11वीं में प्रवेश प्रक्रिया - क्योंकि कक्षा 11वीं के स्तर पर विद्यार्थियों को अध्ययन के स्ट्रीम की स्वतंत्रता होती है इसलिए कक्षा 11वीं में स्वमेव प्रवेश देना संभव नहीं होगा। इसके लिए प्रवेश के सभी हायर सेकेण्डरी स्कूलों में प्रवेश के लिए निःशुल्क फॉर्म स्कूलों के काउंटर पर 31 अगस्त तक उपलब्ध रहेंगे। विद्यार्थी यह निःशुल्क फॉर्म स्कूल के काउंटर से प्राप्त करके प्रवेश के लिए 31 अगस्त तक ही जमा कर सकेंगे। हायर सेकेण्डरी स्कूलों में कक्षा 11वीं में प्रवेश इसके आधार पर दिया जाएगा। सभी स्कूल यह सुनिश्चित करेंगे कि फॉर्म वितरण और जमा करने के समय कोविड-19 से संबंधित राज्य और केन्द्र सरकार द्वारा समय-समय पर जारी फिजिकल डिस्टेंसिंग, सेनेटाईजेशन आदि के समस्त मानकों का पूरी तरह पालन किया जाए।
    कक्षा पहली में प्रवेश प्रक्रिया - प्रदेश के सभी प्राथमिक विद्यालय के प्रधान अध्यापक उस प्राथमिक विद्यालय के क्षेत्र में आने वाले आंगनबाड़ियों के रजिस्टर से ऐसे बच्चों की सूची बनाएंगे जिन्होंने 06 वर्ष की आयु पूर्ण कर ली है। ऐसे सभी बच्चों को बिना किसी आवेदन के कक्षा पहली में प्रवेश दिया जाएगा।
    प्रवासी मजदूरों के बच्चों को प्रवेश: कोरोना संक्रमण काल में बहुत सारे प्रवासी मजदूर अपने परिवारों के साथ अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ लौट कर आएं हैं। लौटने पर इन मजदूरों और उनके परिवारों को क्वॉरंटाईन सेंटरों में रखा गया था। जहां पर इन मजदूरों के बच्चों की सूची तैयार करा ली गई थी, जिसमें उनके गांव, बच्चों की आयु और कक्षा की जानकारी भी ली गई थी। इस सूची में शामिल सभी बच्चों को संबंधित ग्राम के स्कूलों में और संबंधित कक्षा में प्रवेश देने की कार्रवाई आवश्यक रूप से सुनिश्चित की जाए। संबंधित स्कूल के रजिस्टर में इन बच्चों का नाम दर्ज करने के उपरांत इन बच्चों के माता-पिता को सूचित किया जाए कि उनके बच्चों का नाम संबंधित विद्यालय में दर्ज कर लिया गया है।

Leave a comment