क्राइम

क्राइम पेट्रोल देखकर चोरी करने वाला गिरफ्तार:

क्राइम पेट्रोल देखकर चोरी करने वाला गिरफ्तार:

अंबिकापुर - 30 लाख के जेवर चुराकर कमरे की जमीन में गाड़ दिए, जुए की लत ने शेयर मार्केट ट्रेडर को बना दिया शातिर चोर अंबिकापुर की पुलिस ने एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। 16 सितंबर को ही इसने शहर के सत्यम ज्वेलरी शॉप में 30 लाख की चोरी को अंजाम दिया था। पुलिस ने CCTV फुटेज और कई लोगों से पूछताछ के बाद इस शातिर चोर का पता लगा लिया। इससे पहले की चोरी का माल आरोपी बेच पाता इसके घर पहुंचकर पुलिस ने दबिश दे दी। आरोपी को न सिर्फ गिरफ्तार किया बल्कि चोरी का सारा सामान भी पुलिस ने बरामद कर लिया है। ज्वेलरी शॉप से चुराई रकम 17 हजार को बदमाश ने अपने बैंक अकाउंट में जमा कर दिया था। इसे भी पुलिस ने सीज कर दिया है। सत्यम ज्वेलर्स में हुई चोरी के मामले में गिरफ्तार युवक का नाम रवि रजक है, रवि पेशे से शेयर मार्केट में ऑनलाइन ट्रेडिंग का काम भी किया करता है। सत्यम ज्वेलर्स में करीब 30 लाख की हुई चोरी की शिकायत मिलने के बाद पुलिस की टीम एक्टिव होकर चोर का पता लगाने में जुटी हुई थी। 17 सितंबर को दुकान के मालिक सत्यम अशोक सोनी ने रिपोर्ट दर्ज करवाई कि इनकी शॉप से सोने चांदी के जेवर चोरी कर लिए गए हैं। जानकारी मिली थी कि चोर दीवार तोड़ कर अंदर घुसा और अपने साथ चोरी का माल लेकर फरार हो गया। इसके बाद सरगुजा रेंज के आईजी अजय यादव, SP अमित काबले ने जांच टीम बनाकर चोर को पकड़ने का टास्क दिया। ऑटो वाले की वजह से पकड़ा गया पुलिस ने चोरी के खुलासे के लिए उन तमाम लोगों की जानकारी निकाली जो हाल फिलहाल में चोरी के मामलों में जेल से छूटे थे। पुलिस को इस दौरान रवि रजक के बारे में भी जानकारी मिली। जांच टीम लगातार वारदात वाली जगह पर पूछताछ कर रही थी। एक ऑटो वाले से जानकारी मिली कि घटना की सुबह रवि बैग लेकर यहीं से एक ऑटो के जरिए अपने घर गया है। पुलिस ने इसके बाद रवि के घर पर छापा मारा। पूछताछ में उसने बताया कि वो यूट्यूब पर क्राइम सीरीज के कई धारावाहिक देखा करता था जिससे उसे पुलिस को गुमराह करने की तरकीब मिल जाया करती थी। इस चोरी की घटना को अंजाम देने के लिए भी रवि ने गजब की प्लानिंग की। चोरी से एक-दो दिन पहले रवि अंबिकापुर शहर से बाहर चला गया था। बिलासपुर से उसने ड्रिल मशीन खरीदी और इसे शहर से बाहर छुपा दिया था। घटना के दिन जानबूझकर रवि प्रतापपुर गया और वहां से वापस अंबिकापुर बस के जरिए पहुंचा, ताकि पुलिस को छानबीन में रवि के शहर से बाहर होने की जानकारी मिले। इसके बाद पहले से एक स्कूल के कंपाउंड में उसने ड्रिल मशीन, कुछ रस्सियां और बांस छुपा कर रखे थे। 16 सितंबर की रात के अंधेरे में रवि वहां पहुंचा और यहां से सत्यम ज्वेलर्स जाकर ड्रिल मशीन के जरिए दीवार में सुराख बनाकर दुकान में दााखिल हुआ। पुलिस को गुमराह करने के लिए रवि ने रेनकोट भी पहन रखा था। रवि के घर से ये रेनकोट भी मिला। पूछताछ करने पर रवि ने बताया कि उसने अपने कमरे में जमीन के नीचे चोरी के जेवर गाड़ रखे हैं, इसके बाद खुद ही जमीन खोदकर रवि ने तमाम जेवर निकालकर पुलिस को दिए और टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। जांच टीम को मिलेगा 25 हजार का पुरस्कार शातिर चोर रवि रजक को गिरफ्तार करने वाली अंबिकापुर पुलिस की जांच टीम को अब IG ने 25 हजार कैश प्राइज देने का फैसला किया है। जांच टीम ने बताया कि रवि इससे पहले भी कई इलाकों में चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुका है। मणिपुर चौक में रितेश अग्रवाल नाम के व्यक्ति के किराना दुकान में घुसकर आरोपी ने डेढ़ लाख रुपए की चोरी किए थे, मुख्य डाकघर में 23 हजार चुराए थे। वाड्रफनगर की एक ज्वेलरी शॉप में भी रवि ने चोरी की थी, इसके अलावा शहर के गर्ग किराना स्टोर, महावीर मोबाइल, गीता मोबाइल में भी चोरी के प्रयास कर चुका था। इन मामलों में कुछ दिनों की पहले वह जेल भी जा चुका है। इस वजह से बन गया चोर अंबिकापुर SP ने बताया कि रवि पेशे से शेयर मार्केट में ऑनलाइन ट्रेडिंग का काम किया करता था। इस काम से उसकी अच्छी खासी आमदनी हुआ करती थी, लेकिन जुए की लत की वजह से इसे और रुपयों की जरूरत पड़ने लगी। आरोपी ने रुपए कमाने का शॉर्टकट तरीका चोरी को बना लिया। वह लगातार इंटरनेट पर कई क्राइम सीरीज के वीडियो देखा करता था, जिससे उसे चोरी करने के नए-नए आईडिया मिला करते थे। चोरी की कमाई को वो जुए में लगाया करता था।

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