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नाबालिग से छेड़छाड़ के आरोपी को पाँच वर्ष का कारावास

नाबालिग से छेड़छाड़ के आरोपी को पाँच वर्ष का कारावास

भाटापारा:- 8 वर्ष की मासूम के साथ छेड़छाड़ करने के आरोपी ग्राम पाटन निवासी दिनेश वर्मा पिता बिसाहू वर्मा को छेड़छाड़ के आरोप में विशेष न्यायाधीश शेख अशरफ ने 05 वर्ष के कठोर कारावास एवं आर्थिक दण्ड से दंडित किया है। विशेष लोक अभियोजक न्याजी खान ने बताया की संपूर्ण घटना थाना भाटापारा ग्रामीण क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पाटन की है। घटना दिनांक 26-02-2019 को शाम 6.00 बजे ग्राम पाटन स्थित तालाब के किनारे 08 वर्षीय पीड़िता जो अपनी सहेलियों के साथ शौच के लिए गई थी तभी उसकी लज्जा भंग करने के आशय से आरोपी दिनेश वर्मा द्वारा उसके गुप्तांग को दबाकर बुरी नियत से आरोपी दिनेश वर्मा उसके गुप्तांगों को दबाने लगा तथा पीड़िता द्वारा चिल्लाने पर आरोपी उसे छोड़कर भाग गया, तब पीड़िता अपने घर जाकर अपनी मम्मी व पिता को घटना के संबंध मे बताने पर उसके पिता द्वारा थाने मे रिपोर्ट लिखाई गई। पुलिस के द्वारा अपने विवेचना में गवाहियों का साक्ष्य अभिलिखित कर, पीड़िता का मुलाहिजा कर घटना स्थल का नक्शा प्राप्त किया गया। पीड़िता का न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष धारा 164 द. प्र. स. ले तहत ब्यान दर्ज कराया गया। पीड़िता के नाबालिग होने के प्रमाण स्वरूप जन्म प्रमाण पत्र जप्त कर जप्ती पत्रक तैयार किया गया एवं संपूर्ण प्रकरण की विवेचना सहायक उपनिरीक्षक धनेश शर्मा द्वारा करने के पश्चात अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। न्यायालय द्वारा आरोपी दिनेश वर्मा के विरुद्ध धारा 354 भा. द. संहिता एवं धारा 8 पाक्सो एक्ट के तहत आरोप विरचित किया गया। आरोपी ने आरोप को अस्वीकृत कर दिया और विचारण का दावा किया। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक द्वारा अभियोजन सक्षियों का बयान न्यायालय के समक्ष कराया गया जहाँ छोटी से बच्ची पीड़िता सहित अन्य साक्षियों ने अभियोजन का समर्थन करते हुए आरोपी द्वारा किये गए कुकृत्य को न्यायालय के समक्ष बताया गया। विशेष लोक अभियोजक न्याजी खान ने ऐसे कुकृत्य करने वाले आरोपी को कठोर दण्ड से दंडित किये जाने का निवेदन किया गया। विशेष न्यायाधीश ( पाक्सो) भाटापारा शेख अशरफ द्वारा प्रकरण की गंभीरता, अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य और गवाहों का परिशीलन करते हुए अभियुक्त द्वारा एक 8 वर्षीय नाबालिक पीड़िता की लज्जा भंग करने के आशय से उस पर आपराधिक बल का प्रयोग तथा लैंगिक हमला किया जाना पाया और ऐसे कुकृत्य करने वाले आरोपी को धारा 354 मे 5 वर्ष का कठोर कारावास एवं 1,000/- रुपये अर्थदंड तथा धारा 8 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 (पाक्सो एक्ट) के तहत 5 वर्ष का कठोर कारावास एवं 1,000/- रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया।

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