क्राइम

दुकानदार को पीटने से पुलिसवालों को रोका तो युवक की TI ने करवा दी बेदम पिटाई पिता ने सोशल मीडिया में पोस्ट की आपबीती  थाने लाकर जबरन पिलाई शराब, पॉकेट में रख दिया गांजे का पॉकेट

दुकानदार को पीटने से पुलिसवालों को रोका तो युवक की TI ने करवा दी बेदम पिटाई पिता ने सोशल मीडिया में पोस्ट की आपबीती थाने लाकर जबरन पिलाई शराब, पॉकेट में रख दिया गांजे का पॉकेट

रायपुर 1 जुलाई 2021। फल दुकानदार को पीट रहे थानेदार को टोकना एक युवक को महंगा पड़ गया। थानेदार ने वर्दी का रौब दिखाते हुए पहले तो युवक की सरेराह पिटाई की और फिर जब उससे भी मन नहीं भरा तो पुलिस गाड़ी में भरकर थाने लाकर भी उसकी दम भर पिटाई कर दी। युवक की पिटाई की खबर पर जब पिता थाने पहुंचा तो टीआई ने पिता के सामने ही युवक की दोबारा पिटाई शुरू कर दी। यही नहीं पिता के साथ थाने में धक्का-मुकी करते हुए दुर्व्यवहार भी किया गया।

इस पूरी घटना सेे आहत पिता ने आज एक लेटर सोशल मीडिया में वायरल किया है। लेटर में बीती रात हुई घटना का पूरा उल्लेख है। साथ ही पीड़ित बेटे की कुछ तस्वीरें भी पोस्ट की है। पीड़ित के पिता के वायरल लेटर के मुताबिक….
”मेरा बेटा अक्षज अनुपम उम्र 28 वर्ष कल ( 30 जून) को रात में अपना कैमरा ठीक करवाकर घर लौट रहा था। रास्ते में करीब 8ः15 बजे अनुपम गार्डन के सामने उसने देखा कि कुछ पुलिस वाले एक फल वाले की पिटाई इसलिए कर रहे थे कि वह कोरोना गाइड लाइन का पालन न करते हुए अपने ठेले पर फल बेच रहा था।
मेरे बेटे ने रुककर पुलिस वालों से कहा कि उन्हें इस तरह नहीं पीटना चाहिए। इतने में सरस्वती नगर थाने का थानेदार गौतम गेडाम जीप से नीचे उतरकर पुलिस वालों से कहा इस साले को जीप में पटककर थाने ले चलो। बेटे का मोबाइल रास्ते में पुलिस वालों ने छीन लिया मुझसे बात भी करने नहीं दिया, न पुलिस ने बतौर गार्जियन मुझे सूचित किया।
थाने ले जाकर पुलिस वालों ने उसे जख्मी होते तक मारा।
मुझे जैसे-तैसे खबर लगी और मैं भागते हुए दिल्ली मीडिया से जुड़ी हुई जीतेश्वरी के साथ सरस्वती नगर थाने पहुंचा। पुलिसवाले तब भी उसे मार रहे थे। मैंने कारण पूछा तो मुझसे भी बदतमीजी की, यहां तक की धक्कामुक्की भी और साथ ही जीतेश्वरी से भी बदतजीमी की और उसका फोन छीनने की कोशिश भी की। जबरदस्ती केस बनाने के लिए मेरे बेटे के मुंह को खोल कर शराब पिलाने की कोशिश की। थाने लाकर पहले बीस पैकेट गांजा रखने फिर चार पैकेट गांजा रखने की झूठी बात मुझे बताई।
मेरा बेटा दिल्ली यूनिवर्सिटी से बी.ए. ऑनर्स इंग्लिश है वही से उसने सिनेमा में पी.जी किया। वही जॉब भी कर रहा था। कोरोना के कारण मैंने उसे अपने पास रायपुर बुला लिया।
मेरा बेटा मेरी तरह किसी गलत बात को सहन नहीं कर सकता, किसी पर भी होने वाले जुल्म को बर्दास्त नहीं कर सकता। कल रात इसलिए अनुपम गार्डन के पास रुककर पुलिस वालों को समझाने की कोशिश की, जिसका अंजाम मेरे बेटे को भुगतना पड़ा।
मैं हमेशा छत्तीसगढ़ की पुलिस की प्रशंसा करता रहा हूं। पर इस पुलिस की बर्बरता से मैं बेहद आहत हुआ हूं।”

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