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विदेशों की मांग पर शुरू हुई तरबूज की तैयारी ,अभी से प्रारंभ हुआ सौदेबाजी

विदेशों की मांग पर शुरू हुई तरबूज की तैयारी ,अभी से प्रारंभ हुआ सौदेबाजी

 

 

बलौदाबाजार /भाटापारा : इस बार निर्यात के लिए तरबूज की कोई कमी नही होगी। घरेलू मांग भी पूरा कर लिया जाएगा। वजह यह है कि नदी-तट कछार योजना में महानदी के तटीय इलाके के 1500 हेक्टेयर में तरबूज की खेती पर काम तेजी से शुरू  हो गया है। उद्यानिकी विभाग ने इसके लिए कसडोल और लवन के किसानों को जरुरी प्रारंभिक जानकारी देते हुए उन्नत प्रजाति के  बीज की मांग मुख्यालय से की है। तरबूज के साथ-साथ खरबूज और ककड़ी की भी खेती इस बार विस्तार ले सकती है।


बलौदाबाजार जिले के  कसडोल और लवन को तरबूज के लिए देश ही नही विदेशों में भी ख्याति मिली हुई है। खास तौर पर सउदी अरब में यहां के तरबूज के लिए बोनी के समय ही सौदे लिए और दिए जाने लगते है। बीते बरस सउदी अरब को  आपूर्ति मांग  के अनुरुप नही हो पाई क्योंकि घरेलू मांग का भी दबाव बना हुआ था।इसलिए उद्यानिकी विभाग ने  इस बार बोनी का रकबा बढाने का प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा था। जिस पर 1500 हेक्टेयर पर तरबूज की खेती का लक्ष्य मिला। अब विभाग ने इस पर काम चालू कर दिया है। जिस गंभीरता के साथ इस पर काम हो रहा है उसे देखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि निर्यात की मांग के साथ ही घरेलू मांग भी पूरी कर ली जा सकेगी।

बांटें उच्च गुणवत्ता वाले बीज 
वैसे ग्राम सुराज के दौरान ही विभाग ने तरबूज के उन्नत प्रजाति के बीज का वितरण कर दिया था लेकिन रकबा बढाए जाने के बाद बीज निगम से तरबूज के और बीज के लिए मांग पत्र भेजा है। इस पत्र में विभाग ने कहा है कि ऐसी प्रजाति के  तरबूज बीज दें जो उत्पादन भी भरपूर दे और गुणवत्ता भी उच्चतम स्तर की हो । वैसे विभाग का अपना मानना है कि खुले बाजार में प्रतिष्ठित कंपनियां हाईब्रीड़ बीज लेकर मजबूती के साथ उपस्थित हैं ऐसे में बीज की कमी तरबूज उत्पादक किसानों को नही होगी ।
 
एडवांस सौदे के लिए पूछ-परख 
इस बार भी सउदी अरब को निर्यात के लिए मुंबई के निर्यातक बलौदा बाजार से लेकर बिलासपुर तक पूछताछ की शुरुआत  कर चुके हैं। बिलासपुर में बैठे थोक कारोबारियों के माध्यम से किसानों तक पहुंच बना रहे है और उन्हे आर्थिक मदद भी मुहैया करवाए जाने लगे हैं। वैसे इस बार सरकार की मदद के सामने किसान कुछ दूरी बनाए हुए है लेकिन उंचे दाम पर खरीदी का प्रलोभन फिलहाल सरकारी मदद पर भारी पड़ता दिखाई दे रहा है। इधर विभाग की भी नजर है सो उसने ऐसे प्रलोभन से बचने की सलाह देते हुए सक्रियता बनाए रखी है।

महानदी और शिवनाथ के सहारे 
महानदी के तट पर बसे कसडोल और लवन के तटीय गांवों में उद्यानिकी विभाग सक्रियता बनाए रखते हुए तरबूज-खरबूज और ककड़ी की उन्नत खेती के लिए जरुरी मार्गदर्षन के लिए किसानों के पास हर वक्त उपलब्ध है।मार्गदर्शन  के साथ-साथ तकनीकी  जानकारी भी उन तक पहुंचाई  जा रही है।इधर सिमगा ब्लाॅक से होकर बहने वाली शिवनाथ नदी के तटीय गांवों में भी तरबूज की खेती की तैयारी जोर-शोर से चल रही है।

नदी तट कछार योजना के तहत् इस बार 1500 हैक्टेयर रकबे में तरबूज खरबूज और ककड़ी की खेंती होगी । बीज पहले ही बांटे जा चुके है। और बीज की मांग मुख्यालय से की गई है।
-रामजी चतुर्वेदी, सहायक संचालक उद्यानिकी बलौदा बाजार  

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