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   छत्तीसगढ़ में बिल्डरों और प्रमोटरों को रेगुलेट करने के लिए भू संपदा विनियामक प्राधिकरण रेरा ने   शुरू  किया काम  रजिस्ट्रेशन के बिना बैंक नहीं देगा बिल्डर और खरीददार को लोन

छत्तीसगढ़ में बिल्डरों और प्रमोटरों को रेगुलेट करने के लिए भू संपदा विनियामक प्राधिकरण रेरा ने शुरू किया काम रजिस्ट्रेशन के बिना बैंक नहीं देगा बिल्डर और खरीददार को लोन

रायपुर-  रेरा के चेयरमैन विवेक ढांड ने सोमवार को न्यू सर्किट हाउस में पत्रकारों से चर्चा में कहा कि सभी बिल्डरों को रेरा में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य रूप से कराना है।
अगर रेरा में रजिस्ट्रेशन नहीं है, तो बैंक बिल्डर और खरीददार को लोन नहीं देगा। बिना रजिस्ट्रेशन के प्लाट, जमीन या फ्लैट को न तो बेच सकते हैं, न ही उसका प्रमोशन ही कर सकते हैं। यही नहीं, बिल्डर एक प्रोजेक्ट का पैसा दूसरे प्रोजेक्ट में नहीं लगा सकता है।
अगर ऐसा करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। ढांड ने बताया कि बिल्डर की प्रस्तावित जमीन पर प्रमोटर के दोषपूर्ण टाइटल के कारण खरीददार को कोई हानि होती है, तो उसका पूरा पैसा बिल्डर वापस करेगा।

यही नहीं प्रमोटर दो तिहार खरीददारों की लिखित सहमति और रेरा के अनुमोदन के बिना प्रोजेक्ट के संबंध में अपने अधिकार और दायित्व ट्रांसफर नहीं कर सकेगा। एग्रीमेंट में कब्जा सौंपने की तारीख का जिक्र जरूरी रहेगा।

यदि प्रमोटर तय तारीख तक कब्जा नहीं दे पाता है तो खरीददार को ब्याज और क्षतिपूर्ति सहित जमा राशि लौटानी होगी। यदि खरीददार प्रोजेक्ट में संपत्ति चाहता है तो उसे कब्जा सौपे जाने तक प्रतिमाह ब्याज मिलेगा।

ढांड ने बताया कि 500 वर्गमीटर से बड़े प्रोजेक्ट को प्रत्येक फेस का रजिस्ट्रेशन कराना होगा। नए कानून के तहत प्रमोटर के लिए गाइडलाइन जारी की गई है। इसमें प्रोजेक्ट राशि का 70 फीसदी अलग बैंक खाते में जमा करना है।

खास बात यह है कि अगर कोई बिल्डर भ्रामक जानकारी देकर प्लाट या मकान बेचता है, तो उससे प्रोजेक्ट कास्ट का 10 प्रतिशत जुर्माना वसूला जा सकता है और तीन साल की सजा भी हो सकती है। एजेंट का रजिस्ट्रेशन भी रेरा में होगा। इसका पंजीयन पांच साल के लिए मान्य होगा। एक बार रजिस्ट्रेशन कराकर एजेंट प्रदेश में काम कर सकता है। प्रमोटर आनलाइन आवेदन के साथ ही कार्यालय में पहुंच दस्तावेज जमा कर सकते है।

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