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सेफ्टी टेस्‍ट में फेल हुई रेनो डस्‍टर, नहीं मिला एक भी स्‍टार

सेफ्टी टेस्‍ट में फेल हुई रेनो डस्‍टर, नहीं मिला एक भी स्‍टार

ब्रिटेन की ग्लोबल एनसीपीए (न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम ) ने रेनो डस्टर के शुरूआती मॉडल का सेफ्टी टेस्ट कराया। इस सेफ्टी टेस्ट में डस्टर को 0 स्टार मिले हैं। यह 0 स्टार ड्राइवर और फ्रंट पैसेंजर सीट के लिए मिले हैं। वहीं पिछली सीट पर बच्चों की सेफ्टी के लिहाज से इसे 2 स्टार मिले हैं। इस टेस्ट में पता चलता है कि एयरबैग नहीं होने की वजह से एक्सीडेंट होने पर गाड़ी के ड्राइवर और फ्रंट पैसेंजर को गंभीर चोट आएंगी। इसके अलावा एनसीपीए ने डस्टर के ड्राइवर साइड एयरबैग वाले मॉडल का भी परीक्षण किया। इसमें ड्राइवर की सेफ्टी के लिहाज से डस्टर को 3 स्टार मिले। इसके अलावा बैक सीट पर बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से 2 स्टार ही मिले। इससे पहले 2015 मे जब डस्टर का सेफ्टी टेस्ट लिया गया था तो इसे 4 स्टार मिले थे। इसमें पाया गया था कि ब्रिटेन में बिकने वाली डस्टर के एयरबैग भारत में बिकने वाली डस्टर से छोटे हैं।


ग्लोबल एनसीएपी के महासचिव डेविड वार्ड ने कहा, यह काफी चिंता की बात है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा सप्ताह के दौरान हमें भारत में एक और शून्य स्टार वाली कार देखने को मिली है। वार्ड ने कहा, एयरबैग वाले डस्टर मॉडल को तीन स्टार मिले हैं। हालांकि एयरबैग का आकार छोटा होने की वजह से यह भी उम्मीदों से कम रही है। उचित आकार के एयरबैग वाले मॉडल को मानक माना जाता है। लैटिन अमेरिका में हुए टेस्‍ट में देखा गया था कि उसमें लगे एयरबैग ने बहुत ही अच्छे तरीके से ड्राइवर के सिर व चेस्ट को कवर किया था।
एनसीएपी के अनुसार कंपनी को वही एयरबैग यहां भी लगाने चाहिए जो ड्राइवर को सुरक्षित करें सिर्फ खानापूर्ती के लिए एयरबैग का प्रयोग घातक हो सकता है। इंस्टिट्यूट ऑफ रोड ट्रैफिक एजुकेशन के अध्यक्ष रोहित बालुजा ने बताया कि भारत में पैसेंजर कारों की स्पीड 100 किलोमीटर प्रति घंटा है। भारत के हाइवे इस बात के गवाह हैं। इसी के मुताबिक अब कार बनाने वाली कंपनियों को भी ज्यादा से ज्यादा सेफ्टी के फीचर्स पर ध्यान देना होगा।

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