व्यापार

भाटापारा के प्रसिद्ध समाजसेवी एवं व्यवसायी राकेश इदवानी ने पर्यावरण और पोषण के लिए रखी और एक आधारशिला

भाटापारा के प्रसिद्ध समाजसेवी एवं व्यवसायी राकेश इदवानी ने पर्यावरण और पोषण के लिए रखी और एक आधारशिला

भाटापारा- भाटापारा में सर्वोदय और सर्वोत्तम इंडस्ट्रीज का भव्य शुभारंभ होने जा रहा है बात दे कोरोना काल मे जहाँ लोग प्रतिदिन अपना मुनाफे और जमाखोरी करने में लगे है वही पर कुछ विरले ऐसे भी है जो दिन प्रतिदिन समाज और जन कल्याण के लिए सोचते है। इसी को चरितार्थ करते हुए भाटापारा के प्रसिद्ध समाजसेवी राकेश इदवानी सदैव समाज के लिए कुछ नया करने की जज्बा रखते है। दिनांक 14जनवरी "मकर संक्रांति"के शुभ अवसर पर भाटापारा शहर को गौरवान्वित करते हुए दो महत्वपूर्ण कार्यों की आधारशिला रखने जा रहै है। प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त को लाल किले से दिए भाषण में कहा कि भारत में छोटे बच्चे कुपोषण होने पर खून की कमी से जूझ रहे हैं और उनका शारीरिक विकास वांक्षित गति से नहीं होता है,इस खून की कमी को दूर करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा जो चावल की आपूर्ति की जाती है उसमें आयरन, फोलिक एसिड एवं विटामिन युक्त चावल का 1%मिलाकर इस समस्या को हल कर सकते हैं, इस तारतम्य में प्रति 100किलो पर 1 किलो FRK(फोर्टिफाईड राइस केरनल) का मिलना निश्चित किया गया है। इस तरह के कुपोष से बचाने के लिए राकेश इदवानी जी ने सार्थक पहल करते हुए इस 1% FRK को बनाने के लिए"सर्वोदय इंडस्ट्रीज"के नाम से प्लांट टेहका में स्थापित किया है। जो बच्चों में कुपोषण दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा।जहाँ लोग तेजी से विकास करने की होड़ में पर्यावरण को लोग पीछे छोड़ देते है परंतु राकेश इदवानी ने विकास और पर्यावरण में संतुलन बना रहे उसके लिए भी कृत संकल्पित है। जैसा कि ज्ञात हो कि धान कटाई के पश्चात जो पराली बचती हैं जिसे किसान खेत में ही जलाते हैं, जिससे जहरीली गैसों का उत्सर्जन होकर पर्यावरण को अत्यधिक हानि होती है,इस पराली को एकत्रित कर उससे बायोमास पैलेट बना कर, गैसों के उत्सर्जन को रोकने एवं पराली के काटने, लोडिंग एवं परिवहन करने पर जो गांव में रोजगार के अवसर पैदा होंगे, इस पर्यावरण संरक्षण एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने हेतु "सर्वोत्तम इंडस्ट्रीज"के नाम से बायोमास पैलेट का प्लांट स्थापित किया है। ज्ञात हो कि राकेश इदवानी को भाटापारा में हमेशा ही अच्छे एवं नये कार्यो की पहल करने में महारत हासिल व्यक्ति के रूप में जाना जाता है, चाहे वह पहली आटोमेटिक जगदीश दाल मिल हो एवं महक पल्सेस में 2007 मे दाल मिल में प्रथम सारटैक्स लगाने की बात हो, बच्चों को सही राह दिखाने हेतु 2014 मे उन्होंने"आधारशिला" स्कूल की स्थापना की,दाल मिल के इतिहास में अकेले एवं एकमात्र निर्वाचित अध्यक्ष रहे। आर्य समाज के ॠषियो द्वारा 3 बजे 4.15तक हवन यज्ञ किया गया तत्पश्चात उनकी माताश्री श्रीमती मायादेवी द्वारा मशीन का बटन दबाकर विधीवत उद्घाटन संपन्न हुआ, साथ में पधारे अतिथियों को गर्मागर्म स्वादिष्ट जलपान कराया गया, राकेश जी इस अविस्मरणीय पुनीत कार्य हेतु बधाई के पात्र हैं, आशा और विश्वास है कि अपनी सकारात्मक सोच द्वारा इस नगर को नित नई ऊंचाइयों पर स्थापित करने में कामयाब होंगे।

Leave a comment