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अब दूध और खाद्य तेलों में हानिकारक तत्वों की पहचान होगी तत्काल

अब दूध और खाद्य तेलों में हानिकारक तत्वों की पहचान होगी तत्काल

BBN 24 NEWS : केलाश जयसवाल  : भाटापारा :

अब दूध और खाद्य तेलों में हानिकारक तत्वों की पहचान तत्काल की जा सकेगी। यह भी जाना जा सकेगा कि खेत से खलिहान होकर बाजार तक पहुंची फसल से बनाई गई खाद्य साम्रगी में कितनी मात्रा में उर्वरक और कीटनाषक दवाओं का छिड़काव किया गया है। यह भी पता चलेगा कि इनकी वजह से बनी खाद्य साम्रगी के सेवन से मानव षरीर को क्या नुकसान हो सकता है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने छत्तीसगढ़ को ’रेपिड फूड टेस्टिंग किट’ दे दिए हेे। ताकि ऐसे सभी मामले की जांच प्रामाणिकता के साथ हो सके। दूध और दूध से बनी खाद्य सामग्री का खाद्य तेलों में हानिकारक तत्वों की पहचान अब पूरी तरह सुनिष्चित होने जा रही है। परंपरागत मषीनों की जगह अब खाद्य परीक्षण षाला में रेपिड फूड टेस्टिंग किट की मदद से त्वरित और मान्य परिणाम मिल सकेंगे। अभी तक खाद्य एवं औषधि प्रषासन की राजधानी स्थित लेबोरेटरी में परंपरागत मषीनों से ही जांच होती रही है लेकिन नया रेपिड फूड टेस्टिंग किट लेबोरेटरी का काम हल्का और सरल करने जा रहा हेै। प्राधिकरण द्वारा भेजा गया यह किट बहुत जल्द काम करने लगेगा। इसलिए टेस्टिंग किट

राज्य निर्माण के बाद विकास खूब हुए। समानांतार में बाजार भी बढ़ता गया। इसी के साथ खाद्य एवं पेय पदार्थों में मिलावट की षिकायतें भी बढ़ती गयी। खाद्य एवं औषधि प्रषासन ने जब दूध और दुग्ध पदार्थेां की जांच की तो इसमें भारी मिलावट और अमानक तत्वों का होना पाया । हानिकारक तत्व भी मिले। खाद्य तेलों में भी ऐसे ही षिकायतें मिली। रोकथाम की कोषिष के बावजूद उपलब्ध उपकरणों से नतीजे सही नही मिलते रहे इसलिए अब नया रेपिड फूड टेस्टिंग किट का उपयोग किया जाएगा ताकि ऐसी गतिविधियों पर कड़ाई से लगाम कसी जा सके। मिलेगी से जानकारी

 

खाद्य एवं औषधि प्रषासन की लेबोरेटरी में भेजे जाने वाले सैंपल में रेपिड फूड टेस्टिंग की मदद से दूध और उससे बनी खाद्य सामग्री एफलाटाॅक्सिन- एंटीबाॅयोटिक्स और सल्फर ड्रग्स की मात्रा की सटीक जानकारी मिल सकेगी। इसके अलावा मैटल- हैवी मैटल का भी खुलासा हो सकेगा। सबसे अहम जानकारी इस किट से जो मिलेगी वह यह होगी कि खाद्य सामग्री में यह पता लगाया जा सकेगा कि किसमें कितनी मात्रा में रासायनिक उर्वरक और कीटनाषक दवाओं का छिड़काव हुआ है। यह भी जानकारी मिलेगी कि मानक मात्रा कम है या ज्यादा क्योंकि इस काम में मानक का ध्यान नही रखा जाता।

रेपिड फूड टेस्टिंग किट का उपयोग कैसे करना हैघ् उसकी जानकारी के लिए प्राधिकरण के निर्देष के बाद खाद्य एवं औषधि प्रषासन ने अपने सभी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को टेªेनिंग दे दी है। किट लगाने के बाद बहुत जल्द प्रभावी जांच के लिए ये अधिकारी सेैंपल भेज सकेंगे और प्रामाणिक व त्वरित और मान्य परीणाम हासिल कर सकेंगे। एक और मोबाइल फूड टेस्ट लेब वेन

खाद्य एवं औषधि प्रषासन के पास इस समय 4 मोबाइल फूड लेब वेन है। जांच का विस्तार करते हुए अब प्रषासन की मांग पर एक और वेन मिलने जा रही हेे। इसके मिल जाने के बाद अब राज्य में 5 मोबाइल फूड वेन हो जाऐेंगें। इसके बाद प्रषासन को जांच का दायरा और बढ़ाने में काफी मदद मिलेगी क्यंोकि जिलेां मंे काम कर रही एजेंसियंा लगातार इसकी उपलब्धता चाहती रही हेे।

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण से पहली बार छत्तीसगढ़ को 3 फूड टेस्टिंग किट मिल चुके है। विभाग के मुख्यालय की लेबोरेटरी में इसे लगाया जा रहा है। बहुत जल्द यह किट काम करना चालू कर देगा।

-डाॅ आर के षुक्ल असि. कमिष्नर खाद्य एवं औषधि प्रषासन रायपुर

 

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