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गाय के गोबर आधारित खाद का खेतों में करे उपयोग  अनाज व फल फूल बंजर होती जमीन सड़कों पर लावारिस घूमते पशुधन आधी समस्या का एक ही समाधान

गाय के गोबर आधारित खाद का खेतों में करे उपयोग अनाज व फल फूल बंजर होती जमीन सड़कों पर लावारिस घूमते पशुधन आधी समस्या का एक ही समाधान

बिलासपुर/ गुजरते हुए गांव शहर की ओर भागते युवक जहरीले होते अनाज व फल फूल बंजर होती जमीन सड़कों पर लावारिस घूमते पशुधन आधी समस्या का एक ही समाधान गाय का गोबर आधारित खाद का खेतों में उपयोग इस संकल्प के साथ गाय और कृषि को बचाने इस महाअभियान का नाम है गौ ग्राम स्वालंबन अभियान गाय भारत की आत्मा है कृषि प्रधान भारत देश और छत्तीसगढ़ प्रदेश में गाय गोबर आधारित खेती स्वास्थ्य और स्वावलंबी ग्राम स्वराज्य का मुख्य आधार रहा है परंतु हरित क्रांति के नाम पर अधिक पैदावार के लिए खेतों में अंधाधुन रसायनिक खाद के प्रयोग से आज हमारी खेती बंजर होने के कगार पर है गाय सभी के लिए आस्था व श्रद्धा का केंद्र है परंतु आज गाय सड़क पर आ गई है गोपालक किसान भी आज गाय को बाहर छोड़ रहे हैं वर्तमान छत्तीसगढ़ सरकार गौ रक्षा की बात कर रही है पर गाय बचेगी कैसे?? इसका कोई ठोस कार्य योजना नहीं है गोठान बनाने से गाय नहीं बचेगी वह स्थान तो गांव गांव में पहले भी था इसका एक ही समाधान है कि सरकार गाय के गोबर गोमूत्र को खरीदें जिससे गाय गोपालक के लिए आर्थिक साधन बन जाए जिस दिन गाय घर की लक्ष्मी बन जाएगी एक भी गोधन सड़क पर नहीं होगी इस अभियान के माध्यम से गौ ग्राम स्वालंबन की टीम प्रदेश के मुख्यमंत्री और भारत सरकार से मांग कर रही हैं... गांव ग्राम स्वालंबन अभियान के तहत 4 नवंबर 2019 को छत्तीसगढ़ के सभी जिला केंद्रों में एक दिवसीय ज्ञापन सभा का आयोजन किया जा रहा है।।

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