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 अब देवताओं में भी वीआईपी देवता बनाये जाएंगे : अविमुक्तेश्वरानंद: ।।

अब देवताओं में भी वीआईपी देवता बनाये जाएंगे : अविमुक्तेश्वरानंद: ।।

सुदीप्तो चटर्जी "खबरीलाल" (काशी) ::- मंदिर बचाओ आन्दोलनम् के ३८वें दिन मंदिर बचाओ महायज्ञ हेतु आमंत्रण यात्रा के १०वें दिन जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य प्रतिनिधि दंडी स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती ने गाँव वासियों से कहा कि अब शासन एवं प्रशासन द्वारा वीआईपी देवता बनाये जाएंगे। अब काशी विश्वनाथ बाबा वीआईपी होंगे और अन्य पूज्य देवता आम रह जाएंगे। यह वीआईपी संस्कृति हमारे भगवान तक पहुंच गई है और यह वीआईपी संस्कृति दिमग की तरह भारत के अनमोल संस्कृति को खत्म कर रही है। आगे स्वामिश्री: ने गाँव वासियों से कहा कि सर्व प्रथम 56 विनायक, 24 विष्णु, द्वादश आदित्य काशी में आये और उनके आह्वान पर बाबा विश्वनाथ काशी में पधारे और यहीं रह गए। इन्हीं देवताओं ने मिलकर शिव जी के काशी में आने के मार्ग को प्रशस्त किया। आज वीआईपी संस्कृति को बल देने के लिए शासन और प्रशासन द्वारा बाबा विश्वनाथ परिक्षेत्र में विराजित पुराणों में वर्णित मंदिर एवं देव विग्रहों को तोड़ दिए गए साथ ही अन्य प्राचीन मंदिर भी ढहा दिए गए। ये वही देवता हैं जिन्होंने बाबा विश्वनाथ को काशी में पधारने का रास्ता प्रशस्त किया था। आज समाज मे घोर अन्याय हो रहा है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के भारतनाथ हो सकते हैं मुख्यमंत्री योगी उत्तरप्रदेश के आदित्यनाथ हो सकते हैं लेकिन वो भी केवल 5 वर्षों के लिए लेकिन बाबा विश्वनाथ समूचे विश्व के नाथ हैं और वे वैसे ही रहते हैं जैसे काशी वासी रहते हैं इसलिए बाबा विश्वनाथ सबके प्रिय हैं सबके आराध्य हैं क्यों कि उन्होंने कभी वीआईपी होने का दावा नहीं किया। उन्हें भक्तों ने जिस रूप में पूजा, जिस तरह रखे वे उसी तरह रहे। वे चाहते तो अपने लिए क्या नहीं बना सकते थे लेकिन बाबा विश्वनाथ ने ऐसा नहीं किया, वे खुद को वीआईपी नहीं माने और वे काशी वासियों की तरह काशी में रहने लगे। आज स्थिति ऐसी हो गई है कि बाबा विश्वनाथ के नाम को कलंकित किया जा रहा है। राजा शोभायमान तभी रहता है जब उनके दरबार मंत्री, विद्धवान से भरे हों। ठीक उसी तरह बाबा विश्वनाथ काशी के राजा हैं और उनके दरबार अन्य देवताओं से शोभायमान रहते हैं। आज पीएम मोदी, सीएम योगी की सरकार बाबा विश्वनाथ के दरबार को खाली करने में लगे हैं। कैसा लगेगा जब मोदी केवल अकेले ही चलेंगे ? कैसा लगेगा जब सीएम योगी केवल अकेले ही चलेंगे ? क्यों उनके साथ अन्य मंत्री, अधिकारी आदि साथ चलते हैं ?  आज आमंत्रण यात्रा के 9 वें दिन स्वामिश्री: अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती अपने अनुयायियों के साथ वाराणसी जिले के ग्राम - सीरगोवर्धनपुर, रमना बनपुरखा, नरोत्तमपुर, टेकरी, तारापुर, माधोपुर आदि गाँवों में मंदिर बचाओ महायज्ञ हेतु आमंत्रण देने गाँव वासियों के बीच पहुंचे और आमंत्रण किये। काशी में मंदिर तोड़े जाने का पूरे जोर से गाँव की माताएं, बहने, भाई, बुजुर्ग ने विरोध किया। गाँव वासियों ने कहा कि हम मंदिर तोड़ने नहीं देंगे, हम साथ मिलकर मंन्दिरों को बचाने हेतु आंदोलन करेंगे, मंदिर व देव विग्रहों से चिपक जाएंगे। मंदिर हमारे आस्था, विश्वास, एकता का प्रतीक है , हम यहां पूजा करते हैं, मन्नत मांगते हैं, शुभ कार्य करते हैं । हमारे देवता के मंदिर और देवताओं को कैसे यह शासन और प्रशासन तोड़ सकते हैं।

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