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मोदी के गोद लिए गांव

मोदी के गोद लिए गांव "जयापुर" के वासियों ने मंदिर तोड़े जाने का किया विरोध।।

सुदीप्तो चटर्जी "खबरीलाल" (काशी) ::- "मंदिर बचाओ महायज्ञ" हेतु आमंत्रण यात्रा के ८वें दिन जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य प्रतिनिधि दंडी स्वामिश्री: अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती 13 जून को पीएम मोदी द्वारा गोद लिए गए गांव "जयापुर" में मंदिर बचाओ महायज्ञ हेतु आमंत्रण देने  रामलीला मैदान पहुंचे जहां स्वामिश्री: ने पुराणों में वर्णित काशी के सुमुख विनायक, प्रमोद विनायक मंदिर एवं देव विग्रह को प्रशासन द्वारा तोड़ दिए जाने की जानकारी प्रदान किए साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि दुर्मुख विनायक को ताला लगा दिया गया था किंतु विरोध के पश्चात दुर्मुख विनायक की पूजा अर्चना करने दी जा रही है। इसके साथ ही काशी नगरी के प्राचीन भारत माता मंदिर, व्यास परिवार के राधा कृष्ण मंदिर को भी प्रशासन ने विकास के नाम पर तोड़ दिए। इस जानकारी के पश्चात जयापुर गांव वासियों ने हिन्दू धर्म के प्राचीन मंदिरों को तोड़ दिए जाने पर अपना विरोध जताया साथ ही यह भी कहा कि विकास के नाम पर मंदिरों को तोड़ना गलत है। आगे गांव वासियों ने कहा कि पीएम मोदी और सीएम योगी को चाहिए कि बिना मंदिरों को तोड़े उन्हें अन्य उपाय विकास हेतु निकालना चाहिए। मंदिर और देवता सनातन धर्म के आस्था, विश्वास और एकता का प्रतीक है जिसे हमारे पूर्वजों ने हजारों वर्ष पहले बनाया था। विश्व की सबसे प्रसिद्ध धर्म नगरी काशी में इस तरह विकास के नाम पर विनाश करने से प्रशासन को बाज़ आना चाहिए और यदि प्रशासन नहीं सुनते हैं तो हम जयापुर वासी इसका कड़ा विरोध करेंगे। स्वामिश्री: ने समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचारों को गाँव वासियों को दिखाया और बताया कि इस तरह हमारे सनातन धर्मियों के आत्मा पर हतौड़ा चलाया जा रहा है। जयापुर गांव वासियों ने स्वामिश्री: के सामने मंदिर बचाने हेतु संकल्प लिया तथा स्वामिश्री: का निमंत्रण स्वीकार करते हुए कहा कि हम सभी मंदिर बचाओ महायज्ञ में सम्मिलित होंगे और देवताओं से आह्वान करेंगे कि शासन और प्रशासन को सद्बुद्धि प्रदान करे। इस सभा के पश्चात स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती भदोही जिले के बरजी गांव में भागवत कथा के अंतिम दिन मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित हुए और अपने श्रीमुख से गाँव वासियों को भागवत, वेद, पुराण के महत्त्व के बारे में बताया। इस उपलक्ष्य पर रमेश उपाध्याय, सत्यप्रकाश श्रीवास्तव, श्रीप्रकाश पांडेय, किशन जायसवाल, डॉ विजय शर्मा, उद्देश्य शास्त्री, कृष्णा परासर व आदि भक्तगण उपस्थित थे।

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