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 इतना तो तय है कि यह खेल है । पता बस इतना करना है कि यह कौन खेल रहा और किसके साथ ?  स्वामिश्रीःअविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती

इतना तो तय है कि यह खेल है । पता बस इतना करना है कि यह कौन खेल रहा और किसके साथ ? स्वामिश्रीःअविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती

सुदीप्तो चटर्जी "खबरीलाल" (काशी) ::- काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और गंगा "पाथवे" नाम की जिन योजनाओं का जिक्र वाराणसी की आकाश में विगत अनेक दिनों से तैर रहा है असल मे इस तरह की कोई योजना है ही नहीं । कम से कम श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद के 94 वें बैठक दिनांक 18 मई 2018 का कार्यवृत्त तो यही कह रहा है । इससे तय हो जाता है कि काशी की धरती पर केन्द्र और राज्य की सरकारों के दिए गए करोडों रुपये से एक बहुत बड़ा खेल खेला जा रहा है पर यह खेल किसके साथ खेला जा रहा है और असली खिलाड़ी कौन है यह तय करना बाकी है । काशी का प्रशासन जनता को रख रहा धोखे में। क्या प्रशासन प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भी धोखे में रख रहा है ? इस बैठक की मिनट बुक के अंश जो कि काशी के लोगों से हम सब को प्राप्त हो रहे हैं उसके पृष्ठ चार और पैरा दो में कहा गया है कि "श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के परिसर के निकट एवं आसपास काफी भवन क्रय करके गिराए जा चुके हैं एवं काफी जगह खाली हो गई है" के दृष्टिगत एक विस्तृत कार्य योजना तैयार कर बोर्ड में अनुमोदन हेतु आर्किटेक्ट के माध्यम से प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाने के संबंध में न्यास परिषद द्वारा सर्वसम्मति से यह तय किया गया। इस वाक्यावली से स्पष्ट दिनांक 18 मई 2018 तक काशी विश्वनाथ काॅरीडार, गंगा पाथवे या किसी और तरह की कोई योजना शासन के पास नहीं है । स्पष्ट है कि शासन-प्रशासन आम जनता को धोखे में रखकर कार्य कर रहा है । और बिना किसी योजना के ही भवनों, मंदिरों और मूर्तियों को तोड़कर फेंक रहा है, जो की अत्यंत आपत्तिजनक है । सोच कर हंसी आती है कि अधिकारियों ने न जाने कितनी बार वक्तव्य दिया है कि "योजना सार्वजनिक की जाएगी" , मुख्यमंत्री को दिखाई जा रही है आदि । जबकि बैठक का कार्यवृत्त स्पष्ट करा देता है कि ऐसी कोई योजना है ही नहीं । तो फिर प्रश्न यह उठता है कि क्या वाराणसी का स्थानीय प्रशासन, जनता के साथ ही साथ मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के साथ भी तो कोई खेल नहीं खेल रहे हैं ? "मंदिर बचाओ आन्दोलनम् का कार्यालय सबके लिए खुला" 3 जून 2018 को प्रातः 10 बजे शुभ चौघड़िया में काशी के नीलकंठ में सीके 33/21-22 भवन में "मंदिर बचाओ कार्यालय" का उद्घाटन संपन्न हुआ । इस अवसर पर स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती ने कहा कि यह कार्यालय उन सभी के लिए प्रातः 9:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक खुला रहेगा जो आन्दोलनम् से किसी भी प्रकार का संबंध स्थापित करना चाहते होंगे । कार्यालय में शीघ्र ही एक टोल फ्री नंबर भी स्थापित करने की योजना है । कार्यालय का अधीक्षक पद्माकर पांडे को बनाया गया है । काशी के धार्मिक सांस्कृतिक नक्शे "काशी- चित्रपटी" के निर्माण के लिए 21 सदस्यीय समिति का गठन संपन्न जैसा कि पूर्व में ही आन्दोलनम् की तरफ से घोषणा की गई थी - काशी के धार्मिक, सांस्कृतिक नक्शे "काशी- चित्रपटी" के निर्माण के लिए 21 सदस्यीय समिति का गठन संपन्न हो गया है । इस समिति की पहली बैठक कल दिनांक 4 जून को सायं 5:00 बजे से श्री विद्या मठ में संपन्न होगी । जनसभाओं का क्रम 5 जून से होगा प्रारंभ आन्दोलनम् के द्वितीय चरण में काशी के सभी गांवों और वार्ड में होने वाली मंदिर बचाओ सभाओं का क्रम 5 जून से आरंभ होगा । उत्तर दिशा से आरंभ होकर क्रमशः पूर्व, दक्षिण और पश्चिम के गांवों में सभाएं होंगी । जो क्रमशः बड़ा लालपुर, दोनूपुर, हरिहरपुर, अहमदपुर, कानुडीह, लोढान, लालपुर, सरसवां, बासुदेवपुर, होलापुर, हटिया, छतरीपुर, गणेशपुर, परमानंदपुर, चप्पेपुर,पिशोर, हटिया, डलियालपुर, भवानीपुर, लमही, रसूलपुर, वनवारीपुर, ऐढें और गढवा आदि १३०० ग्रामों से होते हुए सभाओं का क्रम आगे बढ़ेगा । आगे के गांवों की सूचना बाद मे यथावसर दी जाएगी ।

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