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जनता अपने हितों की रक्षा के लिए खुद खडी हो - अविमुक्तेश्वरानन्दः

जनता अपने हितों की रक्षा के लिए खुद खडी हो - अविमुक्तेश्वरानन्दः

सुदीप्तो चटर्जी "खबरीलाल" (काशी) ::- भारत के लोगों ने परम्परा से प्राप्त राजतंत्र को नकार कर लोकतन्त्र की स्थापना इसीलिए की थी कि तत्कालीन राजागण जनता के दुख दर्द को नहीं सुन रहे थे ।सोचा यही गया था कि जनता के बीच का कोई व्यक्ति यदि शासन संभालेगा तो जनता के दु:ख दर्द के समझ सकेगा, पर दुर्भाग्य से ऐसा हो न सका । पार्टियां सत्ता पाने और बनाये रखने में इतनी तल्लीन हो गई हैं कि उनके पास जनता का दु:ख दर्द सुनने व समझने का समय ही नही रह गया है । उक्त बातें स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती महाराज ने आज सायं धर्मसम्राट् स्वामी श्री करपात्री जी महाराज द्वारा स्थापित काशी विश्वनाथ मन्दिर परिसर में व्यक्त किए । उन्होंने कहा कि जनता नेता को अपना कीमती नोट-वोट और सपोर्ट देती है इसलिए कि वह किसी विपत्ति के समय उनके साथ खड़े होंगे , पर काशी में हमारे हजारों वर्षों से पूजित मन्दिर टूट रहे थे तब किसी भी पार्टी का कोई भी नेता आकर खड़ा नहीं हुआ । स्वामिश्री ने आगे कहा कि आज जनता को अपने सरोकारों की रक्षा के लिये स्वयं खड़े होने का समय आ गया है । ब्रह्मचारी ज्योतिर्मयानन्द ने अपने उद्बोधन में कहा कि काशी धर्म नगरी है । यहाँ से ही सब सन्देश विश्व में जाता है । यदि यहाँ ही गलत होने लगेगा तो यहाँ से गलत सन्देश ही बाहर जाने लगेगा। इसलिए यहाँ कुछ गलत न हो इसके लिए स्वामिश्रीः मन्दिर बचाओ आंदोलनम् चला रहे हैं। पद्माकर पाण्डेय ने कहा कि मन्दिर बचाओ आंदोलनम् के कारण आज मन्दिरों पर हथौड़ा चलना बन्द हो गया है । यह स्वामिश्रीः की आध्यात्मिक शक्ति का परिणाम है । डा लता पाण्डेय ने कहा कि लोग आज घर से नहीं निकल रहे पर बके मन में मन्दिरो के लिए पीड़ा है । एक चिंगारी के रूप में स्वामिश्रीः निकले हैं, अब लोगों को निकलने में देर न लगेगी । आर्य शेखर ने कहा कि विक्स हमेशा ही विनाश पर ही खड़ा होता है । मैं इस आन्दोलनम् के लिए पूरी तरह से समर्पित होने आया हूँ । अमित पाण्डेय ने कहा कि हम सब आन्दोलनम् के साथ तन मन से जुड़े हैं । स्वामी जी पर लोग आरोप लगा रहे हैं कि वे राजनीति कर रहे हैं पर यह सबको जानना चाहिए कि कोई भी सरकार हो जब वह सनातन धर्म के विरुद्ध कुछ करती है तो सरकार के खिलाफ निडर होकर खड़े होते हैं । चेतन शर्मा वैदिक ने कहा कि सन्तो के पास राजनीति नहीं आध्यात्म नीति होती है । मोदी जी विकास करना चाहते हैं पर यह विनाश है । सच्चा विकास केवल आध्यात्मिक उन्नति ही है । डॉ विजय नाथ मिश्र ने कहा कि आज करपात्री जी के स्थान पर आकर सभी पुरानी बातें स्मरण में आ रही हैं । मन्दिरों की मर्यादा को सुरक्षित रखने का जो कार्य करपात्री महाराज ने आरम्भ किया था वह स्वामिश्रीः के नेतृत्व में अवश्य पूरा होगा । आज प्रमुख रूप से राजेन्द्र तिवारी बबलू , काशी के डोम राजा चौधरी , सत्य प्रकाश श्रीवास्तव, कृष्ण कुमार शर्मा, डॉ लता पाण्डेय , रविकान्त यादव , आर्य शेखर, गौरीनाथ, हरि प्रकाश पाण्डेय , पद्माकर पाण्डेय , सुनीता जायसवाल, सावित्री पाण्डेय , ब्रह्मबाला शर्मा , कुशला दुबे आदि विशिष्ट जन उपस्थित रहे । कार्यक्रम का शुभारम्भ गौर भारती वैदिक मंगलाचरण से हुआ । पौराणिक मंगलाचरण प्रशान्त त्रिपाठी ने किया । संचालन रूपेश तिवारी ने तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ श्रीप्रकाश मिश्र ने किया । राजनेताओं से हम निराश है राज बब्बर और प्रमोद तिवारी आज पूज्य स्वामिश्रीः से मिलने आए । स्वामिश्रीः ने उन लोगों से कहा कि हम लोगों ने वेद मन्त्रो से अभिषिक्त राजा को छोड़कर लोकतन्त्र को चुना पर आप सब अपनी कुर्सी को बचाने मे लगे हैं तो आप सब अपने मे ही रहो । हम सबको अपने हाल पर छोड़ दो । आप सबने जनता के हृदय से जुड़े मुद्दों को छोड़ दिया है इसलिए हम आप सबसे निराश हैं । जब अपने को हिन्दू कहकर आए नरेन्द्र मोदी और योगी आदित्यनाथ मन्दिरों पर हथौड़ा चला रहे हैं तो आप से क्या उम्मीद की जाए ? पर यह साफ समझ लीजिये कि सौ करोड़ हिन्दुओं के देश में मुस्लिम तुस्टीकरण से आप देश को नही चला सकेंगे । आज यात्रा का दसवाँ दिन आज मन्दिर बचाओ आंदोलनम् के अन्तर्गत चल रही यात्रा का दसवाँ दिन है और आज काशी खण्डोक्त लगभग 900 मन्दिरों का दर्शन पूजन सम्पन्न हुआ । कल से यह यात्रा पंचक्रोशी के लिए प्रस्थान करेगी । सुबह 5 बजे ज्ञानवापी में यात्रा का संकल्प लेकर सभी भक्त स्वामिश्रीः के नेतृत्व में तीन दिन की पैदल यात्रा करेंगे ।

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