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कांग्रेस 13 जून को देशभर में ED ऑफिस के सामने करेगी प्रदर्शन, राहुल दिल्ली में नेताओं संग मार्च करेंगे

कांग्रेस 13 जून को देशभर में ED ऑफिस के सामने करेगी प्रदर्शन, राहुल दिल्ली में नेताओं संग मार्च करेंगे

नई दिल्ली । कांग्रेस 13 जून 2022 को देश के सभी राज्यों में ED ऑफिस के सामने प्रदर्शन करेगी। दिल्ली में पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को इसी दिन ED के सामने पेश होना है। राहुल पार्टी के बड़े नेताओं के साथ मार्च करके ED ऑफिस जाएंगे। कांग्रेस ने वर्चुअल मीटिंग कर सोमवार सुबह कांग्रेस वर्किंग कमेटी, प्रदेश महासचिव, लोकसभा और राज्य सांसदों को दिल्ली में उपस्थित रहने के लिए कहा है। 8 जून को पेश नहीं हुई सोनिया कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी बुधवार को भी ED के सामने पेश नहीं हुईं। सोनिया 2 जून को कोरोना संक्रमित हुई थीं और उनकी ताजा जांच रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है।​​​​​​ उन्होंने खराब सेहत का हवाला देकर ED से तीन हफ्ते का समय मांगा। हालांकि, इस पर ED की तरफ से अबतक कोई जवाब नहीं आया। क्या है मनी लॉन्ड्रिंग मामला भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने 2012 में आरोप लगाया था कि गांधी परिवार ने धोखाधड़ी और पैसों का दुरुपयोग किया। यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड ने केवल 50 लाख देकर 90.25 करोड़ रुपए वसूलने का अधिकार प्राप्त किया। उन्होंने इससे पहले दिल्ली की एक अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी। पूरे केस को विस्तार से समझिए 1938 में कांग्रेस पार्टी ने एसोसिएट जर्नल्स लिमिटेड (AJL) बनाई थी। इसी के तहत नेशनल हेराल्ड अखबार निकाला जाता था। AJL पर 90 करोड़ से ज्यादा का कर्ज था और इसी को खत्म करने के लिए एक और कंपनी बनाई गई। जिसका नाम था यंग इंडिया लिमिटेड। इसमें राहुल और सोनिया की हिस्सेदारी 38-38% थी। यंग इंडिया को AJL के 9 करोड़ शेयर दिए गए। कहा गया कि इसके एवज में यंग इंडिया AJL की देनदारियां चुकाएगी, लेकिन शेयर की हिस्सेदारी ज्यादा होने की वजह से यंग इंडिया को मालिकाना हक मिला। AJL की देनदारियां चुकाने के लिए कांग्रेस ने जो 90 करोड़ का लोन दिया था, वह भी बाद में माफ कर दिया गया। केस में अब तक क्या-क्या हुआ 1 नवंबर 2012 को दिल्ली कोर्ट में सुब्रमण्यम स्वामी ने केस दर्ज कराया, जिसमें सोनिया-राहुल के अलावा मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडिस, सुमन दुबे और सैम पित्रोदा आरोपी बनाए गए। 26 जून 2014 को मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने सोनिया-राहुल समेत सभी आरोपियों के खिलाफ समन जारी किया। 1 अगस्त 2014 को ED ने इस मामले में संज्ञान लिया और मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया। मई 2019 में इस केस से जुड़ी 64 करोड़ की संपत्ति को ED ने जब्त किया। 19 दिसंबर 2015 को इस केस में सोनिया, राहुल समेत सभी आरोपियों को दिल्ली पटियाला कोर्ट ने जमानत दे दी। 9 सितंबर 2018 को दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में सोनिया और राहुल को करारा झटका दिया था। कोर्ट ने आयकर विभाग के नोटिस के खिलाफ याचिका खारिज कर दी थी। कांग्रेस ने इसे सुप्रीम कोर्ट में भी चुनौती दी, लेकिन 4 दिसंबर 2018 को कोर्ट ने कहा कि आयकर की जांच जारी रहेगी। हालांकि अगली सुनवाई तक कोई आदेश पारित नहीं होगा।

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