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निर्मला सीतारमण : आर्थिक पैकेज में आत्मनिर्भर भारत के लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय, MSME को बिना गारंटी के तीन लाख का लोन

निर्मला सीतारमण : आर्थिक पैकेज में आत्मनिर्भर भारत के लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय, MSME को बिना गारंटी के तीन लाख का लोन

नई दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की प्रेस कॉन्फ्रेंस जारी है, जिसमें वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज का ब्लू प्रिंट देश के सामने पेश कर रही हैं। यानी यह बता रही हैं कि इस राहत पैकेज में किस वर्ग के लिए क्या है, किसे कितनी बड़ी राहत मिलेगी। वित्त मंत्री ने एमएसएमई यानी सुक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्योग के लिए 6 बड़े कदम का ऐलान आज किया है। MSME क्षेत्र में बिना गारंटी के लोन दिया जाएगा। 2 लाख MSME को फायदा मिलेगा। MSME का दायरा बढ़ाया गया है और 1 करोड़ के निवेश और 5 करोड़ के टर्नओवर तक माइक्रो यूनिट ही रहेगा और MSME का दर्जा और फायदा मिलता रहेगा। ईपीएफ के लिए दी गई सहायता अगले तीन मई के लिए बढ़ाई जा रही है। 15 हजार से कम वेतन वालों का EPF अगस्त तक सरकार देगी। मौजूदा TDS व TCS दरों में 25 प्रतिशत कटौती की जा रही है। यह कटौती कल यानी गुरुवार से लागू होगी, इससे 50 हजार करोड़ की धनराशि लोगों को उपलब्ध होगी। यह कटौती 31 मार्च 2021 तक लागू रहेगी। MSMEs के लिए बड़े ऐलान लघु और मध्यम दर्जे के उद्योगों के साथ कुटीर और गृह उद्योगों को तीन लाख करोड़ का कर्ज, 4 साल में कर्ज लौटाना होगा, 45 लाख उद्योगों को फायदा होगा, कर्ज में डूबे लघु उद्योगों को 20 हज़ार करोड़ का कर्ज दिया जायेगा, किसी तरह के गारंटी की ज़रूरत नहीं होगी। निवेश सीमा को बढ़ाया जा रहा है, अब 1 करोड़ रुपये के निवेश वाली इकाई को भी सूक्ष्म माना जाएगा, इसी तरह 10 करोड़ के निवेश और 50 करोड़ के टर्न ओवर वाले उत्पादन आधारित उद्योग को लघु उद्योग माना जाएगा। 200 करोड़ तक का टेंडर अब ग्लोबल टेंडर नहीं होगा और आत्मनिर्भर इंडिया में मेक इन इंडिया की बड़ी भूमिका होगी। 31 अक्टूबर 2020 तक कोई गारंटी फीस नहीं। इससे 45 लाख यूनिट्स को फायदा होगा। फंड्स ऑफ फंड का ऐलान। अच्छा काम करने वाले एमएसएमई को बढ़ावा मिलेगा। इसके लिए 50 हजार करोड़ रुपए का फंड रखा गया है। एमएसएमई का बिजनेस करना आसान होगा और आत्मनिर्भर भारत अब मेक इन इंडिया के तहत आगे बढ़ेगा। गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थाओं NBFCs/HFC/MFIs के लिए धन की कमी दूर करने के लिए 30 हज़ार करोड़ रुपये का प्रावधान किया जाएगा, NBFCs के लिए 45 हज़ार करोड़ की आंशिक ऋण गारंटी योजना शुरू की हैं, इसमें शुरुआती 20 प्रतिशत घाटा भारत सरकार वहन करेगी। ई-मार्केट लिंक उपलब्ध कराए जाएंगे, लघु और सूक्ष्म उद्योगों के लिए, अगले 45 दिन में MSME के सरकारी उपक्रमों और सरकार के सभी बकाया बिल कलीयर किए जाएंगे। DISCOM के सामने आ रही पैसे की तंगी को कम करने के लिए 90 हज़ार करोड़ की आर्थिक सहायता देंगें, PFC और REC के माध्यम से दिया जाएगा, सरकारी बिजली कंपनियों को कहा जा रहा है कि उन डिस्कॉम कम्पनियों को लाभ दे जो लाभ को आम उपभोक्ता तक पहुंचा रही हैं। रेलवे और सड़क परिवहन मंत्रालय ठेकेदारों को काम पूरा करने के लिए 6 महीने तक का एक्सटेंशन दिया जाएगा, सरकारी कम्पनियां पूरे हो चुके कार्य के अनुपात में बैंक गारंटियों को जारी करेंगीं, ताकि ठेकेदार के हाथ में धन मिले। EFP पर बड़े ऐलान सरकार ने निर्णय लिया है कि वो बिजनेस और वर्कर्स के लिए तीन महीने और EPF सपोर्ट जारी रखेगी। यह मदद 15 हजार से कम सैलरी वालों के लिए है। यानी 15 हजार रुपये से कम वेतन वालों का ईपीएफ अगस्त तक केंद्र देगा। नियोक्ता और कर्मचारी दोनों का योगदान सरकार कर रही है। इसमें करीब 2500 करोड़ रुपये का खर्च होगा। कंपनियों और कर्मचारियों को EPF में 10-10 प्रतिशत देना होगा। EPF में कटौती से एम्पलॉयर को ₹6800 करोड़ का फायदा होगा। 72 लाख 22 हजार कर्मचारियों को भी लाभ मिलेगा। वित्त मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस की बड़ी बातें वित्त मंत्री ने बताया कि पीएम मोदी ने सभी सेक्टर के लिए राहत पैकेज का ऐलान किया है, जिसका उद्देश्य आत्म निर्भर भारत है। उन्होंने बताया कि किस तरह सरकारी योजनाओं (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर, माइक्रो इंश्योरेंस स्कीम, पीएम आवास योजना, पीएम उज्ज्वला योजना) के जरिए इस मुश्किल समय में गरीबों और किसानों तक राहत पहुंचाई गई है। इसमें उज्ज्वला योजना भी शामिल है। इस दौरान वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी मीडियो को सरकार के इन कदमों की जानकारी दी। सभी पक्षों से मिले सुझावों के बाद आर्थिक पैकेज तैयार किया गया है। पीएम मोदी ने समाज के कई वर्गों और विभिन्न मंत्रालयों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद एक व्यापक दृष्टिकोण तैयार किया है। राहत पैकेज में खुद पीएम मोदी ने दिलचस्पी ली। देसी ब्रांड को वैश्विक ब्रांड बनाने पर जोर दिया है। समाज के कई वर्गों से बातचीत कर पैकेज तैयार किया गया है। पैकेज के जरिए ग्रोथ को बढ़ाना है। भारत को आत्मनिर्भर बनाना है, इसलिए इसे आत्मनिर्भर भारत अभियान कहा जा रहा है। COVID-19 के चलते मोदी सरकार ने जो पहला कदम उठाया वो प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के रूप में लेकर आए। देश के गरीब को भूखा न रहना पड़े इसलिए 1,70,000 करोड़ का ये पैकेज माननीय वित्त मंत्री जी ने आपके सामने रखा था।

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