संपादकीय

संपादकीय पूरा देश चिंता में है...डॉ. नरेंद्र त्रिपाठी

संपादकीय पूरा देश चिंता में है...डॉ. नरेंद्र त्रिपाठी

रायपुर - देश में कोरोना का तांडव जारी है। कोरोना ने पूरे देश में कोहराम मचा रखा है। कोरोना की दूसरी लहर ने पिछले साल आए कोरोना के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। मात्र एक महीने में ही कोरोना ने त्राहि-त्राहि मचा दी है। लोगों की माने तो उन्होंने ऐसी त्रासदी अपने जीवन काल में कभी नहीं देखी। देश में प्रतिदिन अब 3 लाख से अधिक कोरोना संक्रमित मरीज मिल रहे हैं और देश में प्रतिदिन मौतों का आंकड़ा भी दो हजार को पार कर गया है। इस कारण पूरा देश चिंता में है। कोरोना की तेज रफ्तार को देखते हुए कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के लिए देश के अधिकांश शहर पूरी तरह बंद चल रहे हैं। कोरोना इतनी भयंकर महामारी बनकर सामने आया कि इसने चिकित्सा व्यवस्था पर गहरा प्रभाव छोड़ा है। कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा इतनी तेजी से बढ़ रहा है कि अब सारी चिकित्सा व्यवस्था भी कम पड़ने लगी है। ऐसे समय में स्वयं को ही सचेत रहने की आवश्यकता है। कोरोना की चैन को तोड़ने के लिए एक ही उपाय है कि किसी भी प्रकार से यह संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक न पहुंचे। इसके लिए लॉकडाउन जैसे बड़े प्रयास तो किए ही जा रहे हैं। साथ ही व्यक्तिगत स्तर पर भी संयम बरतने की आवश्यकता है। कोरोना नियंत्रण के उपायों में मास्क का प्रयोग और सामाजिक दूरी को अनिवार्य किया गया है। यह बहुत आवश्यक है। साथ ही कोरोनावायरस की चैन को पूरी तरह से खत्म करने के लिए कोविड नियंत्रण के उपायों को सतत किया जाता रहना पड़ेगा। वैक्सीनेशन का कार्य देश में तेजी से चल रहा है। अधिक से अधिक लोगों को वैक्सीन लग सके इसके लिए सरकार ने 1 मई से 18 वर्ष से ऊपर के सभी व्यक्तियों के लिए वैक्सीन लगाए जाने की व्यवस्था की जा रही है। वैक्सीनेशन के कार्य में और अधिक तेजी लाने के लिए आवश्यक होगा कि वैक्सीनेशन का कार्य सभी शासकीय कार्यालयों एवं निजी कार्यालयों में जाकर किया जाए। इसके अलावा यह आवश्यक होगा कि मतदान केंद्रों की भांति प्रत्येक वार्ड में अधिक से अधिक वैक्सिनेशन बूथ बनाए जाएं, जिससे कि वैक्सीनेशन का कार्य तेजी से पूर्ण किया जा सके। कोरोनावायरस को हराने का एक उपाय यह है कि जल्दी से जल्दी वैक्सीनेशन का कार्य पूर्ण कर लिया जाए। मास्क के प्रयोग का कड़ाई से पालन कराया जाए। रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए आवश्यक संयम योग एवं कोरोना गाइडलाइन का पालन किया जाना बेहद जरूरी है। तभी इस कोरोना जनित भयंकर लड़ाई पर जीत हासिल की जा सकती है। इस महासंकट के दौर में हमारा प्रयास इतना ही होना चाहिए कि हम सवयं सुरक्षित रहें और अपने परिवार को सुरक्षित रखें। कोरोना गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन करें। अनावश्यक कहीं नहीं जाएं। घर पर रहकर कोरोना से बचने के पूरे प्रयास करने चाहिए। इस समय देश की अधिकांश आबादी घरों में है। उन्हें इस समय का अच्छे से उपयोग करना चाहिए। जीवन में उन्होंने जो सोचा हो कि जब समय मिलेगा तब में अपना यह कार्य पूर्ण करूंगा। यह वक्त उन सभी कार्यों को पूर्ण करने का है। घर पर रहकर बच्चों को समय दें, उनके साथ खेलें, कोई अच्छी किताब पढ़ें, म्यूजिक सुनें, अच्छी फ़िल्म देखें, यदि आप लिखते हैं तो कुछ लिखने का प्रयास करें। इस प्रकार इस कठिन समय का उपयोग अच्छी तरह से किया जा सकता है। डॉ. नरेंद्र त्रिपाठी विभागाध्यक्ष, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया विभाग कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर

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