संपादकीय

हरदी या हल्दी चंदन?

हरदी या हल्दी चंदन?

 

"हरदी" का विच्छेद करेंगे तो थोड़े सटीक उत्तर मिलेंगे 'हर+दी' जबकि "हल्दी" का विच्छेद करने पर आपको 'हल्+दी' की प्राप्ति होगी यह भी हरदी की भांति ही उस क्रिया के निकट है मगर ख्याल रखना यहाँ हल में पूर्ण "ल" नहीं है। सायद इसीलिए हमारे पूर्वज वानप्रस्थ के लिए प्रस्थान करते थे। हरदी और हल्दी चंदन की बात किस क्रिया के लिए बोला जा रहा है यह जानने के लिए केवल इतने से संकेतों के साथ मैं आपको दिमाक खपाने का बड़ा टास्क नही दूंगा; थोड़ा आपको सहयोग मिले इसके लिए एक "क्लू" जरूर देना चाहूंगा।

क्लू: "हरदी और चंदन में कायाकल्प होने के बाद चुनौतियों के साथ बड़ा आनंद है।" 

बुद्धि के थोड़े से स्तेमाल करने से ही आपको उत्तर मिल चुका होगा यदि आपको उत्तर मिल चुका होगा तो आगे जरूर पढ़िए; परंतु यदि आपको उत्तर नही मिला है तो रुकिए, फिर वापस जाकर शुरुआत से पढ़िए और समझिए कि इस लेख के माध्यम से किस क्रिया को इंगित किया गया है।

मेरा विश्वास है कि आप समझ चुके होंगे कि मैं "विवाह" के बारे में कह रहा था। इसलिए अब आगे अपना लेख पूर्ण करने का प्रयास करता हूँ....

आपको इस विषय में अधिक विचार करने की जरूरत नहीं है कि आपने उबटन में हरदी से नहाया था कि हल्दी से या आपके उबटन में हल्दी हल्दी नहीं बल्कि हलदी थी? आपके उबटन में चंदन थी कि नहीं यह बात भी महत्वपूर्ण नही, आपने हलदी हरदी या हल्दी से नहाया या नहीं यह भी विवाह के लिए कोई अनिवार्यतः मुद्दा नही है। मगर ख्याल रखना, हल्दी चंदन का लेप शरीर के लिए अत्यंत उपयोगी और आवश्यक औषधि है जिसका उपयोग केवल विवाह के लिए ही नहीं बल्कि जीवन मे जब भी आपको आवश्यक लगे लगाते रहिए आपकी प्रतिरोधक क्षमताओं के लिए लाभदायक होगा। हल्दी आपके शरीर के बाहरी भाग में रहने वाले रोगाणुओं को भी मार सकता है, आपके घांव को भी मिटा सकता है छिपा सकता है और आपको सुंदर काया भी दे सकता है। विवाह के बाद यदि बच्चे भी नाखून से काट दें तो आपके शरीर में घांव नही बनेंगे इसलिए भी हल्दी चंदन के उबटन से नहाते रहिए। शरीर में हल्दी चंदन लगने का अपना बड़ा मजा है यदि इसे आपके जीवन साथी द्वारा लगाया जाए तब तो यह मजा और भी अधिक हो जाएगा। प्रयास करिए कि उबटन लगाने की मजबूरी न हो, उबटन आपके साथी लगाए तो अच्छी बात है मगर साथी के कारण लगाना पड़े तो आप दोनों ही नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज के लिए हानिकारक होगा।

आपके विवाह के लिए तैयार किए गए उबटन चंदन या चंदन पाउडर के योग से बना था या नहीं यह भी महत्वपूर्ण नहीं है मगर आपके आचरण में चंदन के गुण का होना अत्यंत आवश्यक है। यदि आपके जीवन में, आपके आचरण में, आपके व्यवहार में चंदन का गुण न हो तो आपके जीवन मे लू लग जाएंगे फिर तो आपको हर क्षण ख्याल रखना पड़ेगा कि कहीं कोई बवंडर न आ जाये, कोई बीड़ी या सिगरेट पीकर ठूठी या बिना बुझे माचिस की तीली आपके आसपास न फेक दे। यदि ऐसा हुआ तो आपका पूरा जीवन तबाह हो सकता है।

जब आपने शुरुआती लेख पढ़ा तो आपको व्यंग पढ़ने में चाहे मजा आया हो या फिर चाहे गुस्सा, मगर "लॉ ऑफ बेजाकब्जा" के कारण आपको हर+दी जाती है; जबकि आपके संकट और उलझनों के लिए हल+दी जाती है शर्त केवल इतनी सी है कि आपके आचरण में चंदन का गुण हो।

अंत में, अपने उबटन को हलदी और चंदन के योग से तैयार की गई प्रमाणित करिए, मुस्कराइए, हँसिए मगर खुश रहिए। हरदी और हल्दी का भी बड़ा मजा है केवल परंपरा के निर्वाह के लिए नहीं, जीवन को एन्जॉय करने के लिए विवाह करिए और चुनौतियों के साथ जीने का लुफ़्त उठाएं। विवाह कर चुके हैं तो बधाई हो नहीं किए हैं तो तैयार हो जाइए हलदी चंदन के योग से तैयार उबटन से नहाने के लिए, आप अपने पसंद के अनुसार लेप में दूध, दही, घी और मीठे गुड़ या शक्कर भी मिला लीजिए तब भी कोई बात नहीं मगर नमक मिर्च मिलाने की कोशिश कतई मत करना। सब्जी और सलाद में शामिल संतुलित मात्रा की नमक और मिर्च आपके सुखमय जीवन के लिए पर्याप्त रहेंगे।

HP Joshi

Leave a comment