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  छत्तीसगढ़  : यहाँ  आओ - आओ की  आवाज सुनकर पानी से बाहर निकलाते है मगरमच्छ ......पढ़े पूरी खबर

छत्तीसगढ़ : यहाँ आओ - आओ की आवाज सुनकर पानी से बाहर निकलाते है मगरमच्छ ......पढ़े पूरी खबर

 

सुबोध थवाईत-BBN24NEWS.COM 

400 से अधिक है मगरमच्छ की सख्या 

राज्य का एकमात्र मगरमच्छ संरक्षण केंद्र जांजगीर चम्पा जिले के  ग्राम कोटमी सोनार में स्थित है | इस मगरमच्छ संरक्षण केंद्र में लगभग 400 से अधिक मगरमच्छ मुड़ा तलाब जो अब क्रोकोडायल पार्क के रूप में पहचान बना चुकी है , यहां रहते है | क्रोकोडायल पार्क आने वाले पर्यटक गाँव के जोगिया मठ के सीताराम दास को पहले ढूंढते है क्योंकि सीताराम दास के आवाज सुनकर पानी में तैर रहे मगरमच्छ बाहर निकल आते है | महाराज द्वारा  आओ -आओ कलुवा - ललुवा, भुरवा के नाम से मगरमच्छो बुलाते है  सीतराम दास का यही खासियत है कि यहां पर मगरमच्छ देखने आये पर्यटको को लुभा लेते है ।

  कौन है सीताराम दास

ग्राम कोटमी सोनार के श्रीरामजानकी जोगिया मंदिर के  पुजारी है सीताराम दास अपने  मंदिर सामने जोगिया तलाब में प्रतिदिन स्नान करते है जब यह क्रोकोडायल पार्क का निर्माण नही हुआ था तो गांव के सभी तालाबो में मगरमच्छ स्वत्रन्त्र रूप से तालाबो में रहते थे इसी प्रकार जोगिया तलाब में एक मगरमच्छ रहता था जो सीतराम दास के आवाज देने पर तलाब से बाहर निकलकर बैठ जाता था ।एक दीन सीतराम दास जोगिया तलाब में स्नान कर रहे थे तो एक मगरमच्छ महाराज पर हमला कर दिया और घण्टो तक पानी के अंदर डूबा रखा ।इसी बीच ग्रामीणों ने पानी में हलचल होते देख बांस के सहारे मगरमच्छ से सीताराम दास को छुड़ा लिये  ।मगरमच्छ के हमले से सीतराम को अपने बाएं हाथ को खोना पड़ा । अब सीतराम दास ने अपने शरीर को मगरमच्छ का भोजन के लिए दान करने की बात कही है। क्रोकोडायल पार्क का निर्माण सन 2006 में प्रारम्भ हुआ तब से सीताराम दास महाराज क्रोकोडायल पार्क में अपनी सेवा दे रहे है ।

 

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