विशेष

हेलमेट के नाम पर डेढ़ करोड़ की वसूली, फिर भी पुलिस की कार्रवाई  बेअसर

हेलमेट के नाम पर डेढ़ करोड़ की वसूली, फिर भी पुलिस की कार्रवाई बेअसर


लोगों को जागरूक करने और ट्रेफिक नियमों का पाठ पढ़ाने के नाम पर ट्रेफिक पुलिस जमकर चलान काट रही है। लोगों से जुर्माना भी वसूला जा रहा है, लेकिन जागरूकता के नाम पर सड़कों पर तो कुछ दिखायी नहीं दे रहा है। जिस तेजी से साल दर साल ट्रेफिक पुलिस का चलान काटने और जुर्माना वसूलने का रिकार्ड टूटता जा रहा है, उस अनुपात में लोग बिल्कुल भी जागरूक नहीं हो रहे हैं। बिलासपुर में हेलमेट के नाम पर ट्रेफिक पुलिस ने तीन साल में 46 हजार 903 लोगों से 1 करोड़ 40 लाख रूपए वसूले हैं। यह कार्रवाई इसलिए की गई ताकि लोग हेलमेट लगाएं और दुर्घटनाओं में लोगों की मौत के आंकड़ों में कमी आए, हालांकि ऐसा कुछ भी नहीं हो पाया और कुल संख्या की तुलना में सिर्फ एक चौथाई ही हेलमेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। साल 2018-2019 में 976 सड़क हादसों में बिना हेलमेट के 270 लोगों की मौत हुई, जबकि उसके पहले 2017-18 में मौत की संख्या 189 थी, यानि की चलान और जुर्माना तो बढ़ रहा है, लेकिन मौत के आंकड़े कम होने की बजाए वो बढ़ते ही जा रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार प्रतिवर्ष बाइक पर तीन सवारियों वालों की संख्या लगभग 3000 बढ़ रही है, पिछले एक वर्ष में 1567 बिना नंबर की गाड़ी चलाने वालों की संख्या बढ़ गई है, आंकड़े ये भी बता रहे हैं कि नशे में गाड़ी चलाने वालों की संख्या चार गुना बढ़ गई है। 2016 में ऐसे 214 लोगों का चलान किया गया था जबकि 2018 में यह संख्या बढ़कर 796 हो गई है। यानि की हर तरह से ट्रेफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों की संख्या बढ़ ही रही है, साफ है कि पुलिस कार्रवाई तो कर रही है, लेकिन पुलिस की कार्रवाई का असर लोगों के उपर कहीं दिखाई नहीं दे रहा है।

Leave a comment