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जंहा लगे  हैं प्रेसर आईईडी वहा जान जोखिम में डाल कर रोज जाते है शिक्षक स्कुलो तक .पढ़े ये विशेष रिपोर्ट

जंहा लगे हैं प्रेसर आईईडी वहा जान जोखिम में डाल कर रोज जाते है शिक्षक स्कुलो तक .पढ़े ये विशेष रिपोर्ट

एक दर्जन से अधिक स्कूल कटेकल्याण में पहुच विहीन।

दंतेवाड़ा।।

कटेकल्याण में एक दर्जन से जादा स्कुलो तक पहुचने शिक्षक रोज अपनी जान जोखिम में डाल ते हैं। विकास खण्ड मुख्यालय से 3 से 4 किलोमीटर के बाद पूरा क्षेत्र नक्सलियों के कब्जे में है विगत कई सालों से इन गांवो तक पहुचने वाली सड़क नक्सली कई सालों से बंद कर रखे हैं | नया शिक्षा सत्र शुरू होते ही कटेकल्याण विकास खण्ड के चिकपाल,मरजुम,मुनगा, तेलंम,टेटम,जियाकोडता,कोडरीपाल, एटेपाल, नदी कोंटा स्कुलो में पदस्थ शिक्षकों की परेशानी एक बार फिर से शुरू हो गई है।

*9 गांव के 16 से अधिक स्कूल के शिक्षक अपने स्कूलों तक अकेले सायकल से भी नही जा पाते डियूटी नक्सलियों द्वारा खोदे गये बड़े, बड़े गड्ढो को पार करने में लगते है दो आदमी।

कभी भी कंही भी हो सकता है इन क्षेत्रों में पदस्थ शिक्षकों के साथ हादसा ,इन सड़कों पर नक्सली आय दिन लगाते है प्रेसर आईईडी जवानों को नुकशान पहुचाने ,सोमवार को भी एक प्रेसर आईईडी इसी रास्ते मे पिकअप वाहन का चक्का चढ़ने से फ़टी थी। चिकपाल ,मरजुम ,तेलंम ,टेटम क्षेत्र में डियूटी जाने वाले शिक्षकों ने बताया मुख्यालय में रह नही सकते कारण नही है आवास ब्लाक मुख्यालय से सुबह 9 बजे निकलते है रोज तब डेढ़ घण्टे में पहुच पाते है स्कुलो तक 6 से सात साल से शिक्षक इसी तरह परेशानी उठा रहे है।


इतने स्कुलो को शिफ्ट नही कर सकते ,तीन आश्रम सहित दर्जनों स्कूल है पहुच विहीन। 
बीईओ कटेकल्याण गोपाल पांडे 

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