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यहाँ बदहाल स्कुल में पढ़े रहे है बच्चे ..

यहाँ बदहाल स्कुल में पढ़े रहे है बच्चे ..

 

 


 भाटापारा के शासकिय प्राथमिक शाला नवीन मातदेवालय के छात्र-छात्राओ का नही है कोई सुध लेने वाला, इस स्कुल मे न तो छात्र-छात्राओ के लिए खेलने का मैदान है और न ही पढाने के लिए पर्याप्त शिक्षक, विधुत विभाग ने भी स्कुल के सामने लगा दिए है दो बडे बडे ट्ांसफार्मर।


आप को बता दे कि भाटापारा के शासकिय प्राथमिक शाला नवीन मातदेवालय मे कक्षा पहली से पाॅचवी तक की कक्षाएं है जहा 99 छात्र -छात्राओ की संख्या है तथा जुलाई माह मे अभी और भी छात्र छात्राओ का भर्ति होना है, इस स्कुल मे केवल दो शिक्षक है जिसमे एक हेडमास्टर के पद पर है , यह व्यवस्था बिते वर्ष 2017-18 व 2018-19 से चले आ रही है लेकिन स्कुल को पर्याप्त शिक्षक नही मिल पाई है।

नियम:- नियम कहता है कि 35 छात्र-छात्राओ के लिए एक शिक्षक अनिर्वाय है लेकिन , नियम का पालन करवाने वाले हि नियम की धज्जीया उडा रहे है , और जिले के अधिकारी पिछले दो वर्षो से आंख मुन्दे बैठे है। 



आप को बता दे कि शिक्षा मे खेल का बडा महत्व है ऐसे कहा जाता है लेकिन भाटापारा के शासकिय प्राथमिक शाला नवीन मातदेवालय के छात्र-छात्राओ को खेल के लिए मैदान तो बहुत दुर की बात है सही ढग से उचित जगह भी नही है, अगर स्कुल से बाहर निकलना है या स्कुल के अन्दर जाना है तो इस स्कुल के मासुम छात्र-छात्राओ बहुत ध्यान से आना जाना पडता है, क्योकि इस स्कुल के सामने जब शहर मे रोड चैडीकरण हो रहा था तो बडे बडे गहरे नाली बनाए गए है जो इस स्कुल के मुख्य दरवाजे के सामने है, जहा स्वच्छ भारत के सपना को चुर-चुर करते देखा जा सकता है


ठेकेदार ने गहरे नाली बनाकर यू ही बीना कव्हर लगाए छोड दिया है जिसमे गंदगी से नाली बजबाजा रही है, छात्र-छात्राओ का ध्यान थोडा भी भटका तो सिधे गंदगी मे, 
आप को बता दे भाटापारा के शासकिय प्राथमिक शाला नवीन मातदेवालय मे शिक्षा विभाग अपने जिम्मेदारी से भागता नजर आ रहा है तो विधुत विभाग भी छात्र-छात्राओ को तकलिफ देने मे कोई कसर नही छोडी है , विधुत विभाग स्कुल के सामने ही दो बडे बडे ट्ासंफारमर लगा दिया है, 
जब सहायक शिक्षक राम गोपाल वर्मा से पुछे की ट्ांसफारमर पर शिक्षा विभाग से किसी को तकलिफ नही हुई तो उन्होने बताया कि जब विधुत विभाग के लोगो के द्वारा यहा खम्भा लगाने आए तो ब्लाक शिक्षा अधिकारी व उच्च अधिकारियो को जानकारी दी गई थी लेकिन किसी के द्वारा कोई भी उचित कदम नही उठाया गया। 

आप को बता दे कि जब इन सभी मामलो को लेकर  ब्लाक शिक्षा अधिकारी अमृत लाल धृतलहरे के पास पहुंचे तो उन्होने रटा रूटाया जवाब दिया, कहा सम्बधित विभाग को लिखा पढी किए है अभी तक कोई जवाब नही आया है। 

आब देखना यह होगा कि बिते वर्ष 2017-18 व 2018-19 से चले आ रही बदहाल शिक्षा व्यवस्था और विधुत विभाग की लापरवाही के चलते छात्र-छात्राओ को निजाद कब मिलती है ? 

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