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पत्रकार खबरीलाल रिपोर्ट ::-  111 दिवसीय गंगा सद्भावना यात्रा का समापन मकर संक्रांति के दिन गंगा सागर में हुआ।।

पत्रकार खबरीलाल रिपोर्ट ::- 111 दिवसीय गंगा सद्भावना यात्रा का समापन मकर संक्रांति के दिन गंगा सागर में हुआ।।

भगवान् शिव ने समुद्र मन्थन के समय एक बार विषपान किया था पर विष्णुस्वरूप भगवान् समुद्र आज तक समस्त नदियों से निरन्तर प्रवाहित होकर आ रहे विष का पान कर रहे हैं । एक ओर जहाँ गंगा जी को अपने पति समुद्र से मिलते देखने का सुख मिला वहीं यह भाव भी आया । जय गंगासागर तीर्थ की जय। पूज्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानन्द: सरस्वती जी महाराज की प्रेरणा से स्वामी सानन्द जी के सानिध्य में काशी के केदारघाट स्थित श्रीविद्या मठ के साध्वी द्वय पूर्णाम्बा एवं शारदाम्बा तथा जलपुरुष राजेन्द्र सिंह जी के नेतृत्व में गंगोत्री से आरम्भ हुई 111 दिवसीय गंगा सद्भावना यात्रा का समापन आज मकर संक्रांति के दिन गंगा सागर में समापन हुआ।

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