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पत्रकार खबरीलाल रिपोर्ट ::- भूपेश बघेल की सरकार द्वारा किसानों के हित में एक और बड़ा फैसला - टाटा संयंत्र हेतु अधिग्रहित जमीन किसानों को वापस होगी ।।

पत्रकार खबरीलाल रिपोर्ट ::- भूपेश बघेल की सरकार द्वारा किसानों के हित में एक और बड़ा फैसला - टाटा संयंत्र हेतु अधिग्रहित जमीन किसानों को वापस होगी ।।

@ टाटा संयंत्र की जमीन किसानों को वापस किये जाने का व्यापक स्वागत ।। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि यूपीए सरकार के समय बनाए गए अधिग्रहण कानून के अनुसार एक निश्चित समय अवधि तक औद्योगिक निकाय द्वारा उपयोग नहीं किए जाने पर किसानों की जमीन उनको वापस की जानी है। बस्तर में टाटा की स्टील संयंत्र हेतु किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई लेकिन कई वर्ष बीत जाने के बावजूद संयंत्र स्थापित नहीं हो सका। कांग्रेस ने बार-बार मांग की थी कि यूपीए सरकार के भू अधिग्रहण कानून के अनुसार यह जमीन किसानों को वापस किए जाये, लेकिन रमन सिंह सरकार ने कांग्रेस की मांगे नहीं मानी और किसानों की जमीनें वापस नहीं की गयी। शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद कांग्रेस की मांगों के अनुसार आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसानों की जमीनें वापस दिए जाने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। भूपेश बघेल सरकार के एक और किसान हितकारी फैसले का बस्तर सहित पूरे प्रदेश में व्यापक स्वागत हो रहा है। आज सुबह बस्तर के विधायकों और कांग्रेस नेताओं ने सीएम हाऊस में मुख्यमंत्री जी से मुलाकात कर टाटा प्रभावित किसानों की जमीन वापसी पर चर्चा की और दोपहर तक मुख्यमंत्री जी ने टाटा प्रभावित किसानों की जमीन वापसी की घोषणा कर दी। ज्ञात हो कि भाजपा सरकार के द्वारा वर्ष 2006 से ही लोहंडीगुड़ा क्षेत्र में टाटा संयंत्र लगाने की प्रकिया चल रही थी, जिसमे शासन ने 1709 किसानों की 5000 हेक्टेयर से अधिक जमीनों को जबरिया अधिग्रहित किया था। टाटा प्रभावित किसानों की जमीन वापसी की मांग को लेकर बस्तर के कांग्रेस विधायकों ने और पूरी कांग्रेस पार्टी ने लगातार सदन से सड़क तक की लड़ाई लड़ी है।

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