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पत्रकार खबरीलाल की विशेष टिप्पणी ::-  चुनाव रूपी महाभारत में अर्जुन बने भूपेश को रणनीति व जीत के लिए कृष्ण बने टीएस बाबा का मिला भरपूर सहयोग।।

पत्रकार खबरीलाल की विशेष टिप्पणी ::- चुनाव रूपी महाभारत में अर्जुन बने भूपेश को रणनीति व जीत के लिए कृष्ण बने टीएस बाबा का मिला भरपूर सहयोग।।

सन 2003 के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस 15 वर्षों के लिए वनवास पे चले गए जबकि भगवान श्रीराम का 14 वर्षों हेतु वनवास हुआ था। सन 2013 छत्तीसगढ़ कांग्रेस एवं भारतीय राजनीति के लिये काला दिन था जब झीरम घाटी में कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता सहित प्रदेश के कद्दावर नेता शाहिद हो गए। इस घटना के बाद सन 2014 में कांग्रेस नेता भूपेश बघेल को प्रदेश कांग्रेस का कमान सौंपा गया । अध्यक्ष बने भूपेश का प्रत्येक पग पर सरगुजा नरेश टीएस बाबा ने उनका भरपूर साथ दिया। यह साथ कृष्ण-अर्जुन जैसा साथ भी कहा जा सकता है। रणनीति एवं प्रबंधन में माहिर टीएस ने जुझारू और मैदानी जंग लड़ने वाले अर्जुन रूपी भूपेश का प्रत्येक पग पर साथ दिया और झीरम कांड के बाद मायूस कार्यकर्ताओं के अंदर जान फूंकी और उन्हें 2018 विधानसभा युद्ध हेतु तैयार किया। बूथ स्तर , मंडल, जिला, शहर, ग्रामीण और प्रदेश कार्यालय में दोनों - भूपेश और टीएस ने जिस तरह जान फूंकी की प्रत्येक कांग्रेसी कार्यकर्ता, समर्थक पूरी तरह चार्ज हो गए और युद्ध स्तर पर विधानसभा युद्ध जितने के लिए दिन और रात एक कर दिए। नेता प्रतिपक्ष के रूप में टीएस ने सरकार को सदन में घेरा तो जमीनी स्तर पर भूपेश ने सरकार को घेरा। जहां पर भी सरकार द्वारा चूक होती , बिना समय गंवाए भूपेश और टीएस मोर्चा संभाल लेते थे। इन दोनों का खासकर भूपेश का विरोध करने वाले , उनपर टिप्पणी करने वाले को भूपेश एंड टीम ने बाहर का रास्ता दिखा दिया जिससे कांग्रेस, छत्तीसगढ़ प्रदेश में और ज्यादा मजबूत हो गई। इस मजबूती का फायदा उन्हें ऐसा मिला कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा छग बीजेपी को दिया गया 65 प्लस का टारगेट अकेले कांग्रेस ने पूरा किया और बीजेपी को 15 सीट पर ही रोक दिया और बचे सीट पर छजकां एंड अलायन्स ने कब्जा किया। छत्तीसगढ़ में जब भी चुनाव हुए , बस्तर और सरगुजा संभाग डिसाइडिंग फैक्टर रहा है और 2018 विधानसभा में इन दोनों संभाग के जनता ने कांग्रेस का पूरा साथ दिया जिससे कांग्रेस को लीड मिल गयी। रायपुर के चारों विधानसभा सीटों में से रायपुर दक्षिण को छोड़ बाकी 3 सीट कांग्रेस के पाले में आ गए। इस चुनाव में भाजपा के कई मंत्री और कद्दावर नेता को हार का स्वाद चखने मिला जो किसी ने कभी नहीं सोचा था कि ये कद्दावर मंत्री भी हार जाएंगे। इन सभी बातों से ऐसा प्रतीत होता है कि भूपेश-टीएस के जुगलबंदी ने छत्तीसगढ़ के जनता को राज्य में हो रहे घटनाक्रम को समझाने में सफल रहे साथ ही कांग्रेस का मैनिफेस्टो भी बहुत हद तक उन्हें सफलता दिलाई जिसे बनाने में टीएस की बहुत बड़ी भूमिका रही। अब भूपेश एंड टीम के लिए किए गए वादों को पूरा करना एक बड़ी चुनौती है और जनता आशा में है कि भूपेश-टीएस द्वारा किये गए वादे जरूर कांग्रेस की सरकार छग प्रदेश में पूरा करेगी और किसानों के चेहरे पर मुस्कान लाएगी।

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