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खबरीलाल रिपोर्ट ::- कुम्भ मेले में षंकराचार्य जी की उपेक्षा से स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद हुए व्यथित।।

खबरीलाल रिपोर्ट ::- कुम्भ मेले में षंकराचार्य जी की उपेक्षा से स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद हुए व्यथित।।

राज्य सरकार द्वारा जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद जी के उपेक्षा से जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज के शिष्य प्रतिनिधि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को अत्यंत पीड़ा पहुंची है और वो क्षुब्ध हो गये हैं राज्य सरकार के इस कुकृत्य का निंदा करते हुए स्वामी अविमुकेश्वरनन्द ने जी ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा कि परमपूज्य पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानन्द सरस्वती जी महाराज ने जिस तरह कुम्भ मेले के सन्दर्भ में उत्तर प्रदेश राज्य सरकार द्वारा उपेक्षा की पीड़ा को प्रकट किया है वह अत्यन्त दुःख दायिनी है । जिस देश में और प्रदेश में तथाकथित रूप से हिन्दुओं की सरकार हो,जहाँ शासक स्वयं भगवाधारी हो वहाँ सनातन धर्म के सर्वोच्च आचार्यों में से एक के प्रति ऐसा व्यवहार अकल्पनीय है । ऐसा नहीं है कि ऐसी गलती सरकारों द्वारा पहली बार हो रही हो । परम पूज्य ज्योतिष्पीठाधीश्वर एवं द्वारका शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती जी महाराज के साथ भी कुछ इसी तरह का व्यवहार इस सरकार का रहा है । विगत पैंसठ से अधिक वर्षों से लगातार माघमेले और कुम्भ पर्वों पर जिनका शिविर लगता था उनका शिविर अगर विगत वर्ष नहीं लगा था तो इसी सरकार की वजह से । हम आदि शंकराचार्य जी के अनुयायी भगवत्पाद आदि शंकराचार्य जी द्वारा स्थापित चारों शंकराचार्य पीठों में समान श्रद्धा रखते हैं और जब कहीं उन परम श्रद्धेय पीठों या उन पर विराजे पूज्य आचार्यों का अनादर होता दिखाई देता है तो खून खौल उठता है । हमारी केन्द्र और प्रदेश की सरकारों से यह अपेक्षा है कि वे तत्काल पूज्यपाद पुरी पीठाधीश्वर जी महाराज की कुम्भ के सन्दर्भ की मानसिक पीड़ा को दूर करने के कदम उठायें अन्यथा हम सनातनी जनों को भी कुछ निर्णय लेने पड सकते हैं । हम स्मरण कराना चाहते हैं कि यह हिन्दू हितों की अनदेखी ही है जो तीन राज्यों से भाजपा सत्ता से बाहर हो चुकी है ।

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