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पेड़ लगाना ही हमारी जिम्मेदारी है या...?

पेड़ लगाना ही हमारी जिम्मेदारी है या...?

ये कहानी है पुणे की जहां एक रिहान नाम का लड़का रहता था जो एक आईटी कंपनी में जॉब करता था वहां एक दिन सारे आफिस वाले मिलके किसी एक स्थान पर पेड़ लगाने की बात करने लगे उन लोगों ने एक दिन डिसाईड किया और वहां खूब सारे पेड़ लगाने गये काफी मेहनत करके काफी सारे पेड़ लगा के आये।दूसरे दिन आकर सोशल मीडिया पर अपने द्वारा किये इस कार्य के बारे में अपने दोस्तों से शेयर भी किया जिसमें उन्हें बहुत अच्छे अच्छे कॉमेंट भी आये पर लेकिन रिहान बहुत कशमकश में था कुछ प्रश्न उसके दिमाग मे घूम रहा था कि क्या हमने पेड़ लगा दिए तो क्या बस पर्यावरण की तरफ हमारी जो जिमेदारी है वो खत्म हो गई या अब यहां से हमारी जिम्मेदारी और बढ़ गई है? ये तो ऐसी बात हो गई कि किसी ने बच्चा तो पैदा कर दिया और उसको अनाथ भगवान भरोसे छोड़ आये की बस बच्चा पैदा करना ही मेरी जिम्मेदारी थी ? हम भी ठीक ऐसा ही करते है पर्यावरण संरक्षण के नाम से कई कार्यक्रम आयोजित करते है पेड़ लगाते है पर क्या कभी आप लोग ने ये सोच है की हमने भी रिहान के आफिस के लोगों के जैसे ही काम किया पेड़ लगाए और आ गये उसके बाद क्या ? जब हम पेड़ लगाते है तो उसे एक नवजात बच्चे की भाती संरक्षण की आवश्यकता होती है जैसे एक नवजात को दूध की भूख लगती है वैसे ही इसे भी पानी की आवश्यकता होती है ,बच्चे को टाइम टाइम पे हम टीके लगाते है वैसे ही पेड़ को भी समय-समय पर खाद की जरूरत होती है।उसे कोई नुकसान न हो इन सब का ध्यान रखने की जरूरत होती है । अच्छा हम सब आज कल सोसाईटी में रहते है तो उसमें हमारे सोसाइटी का मेंटेनेंस देते है तो उसमें हम गार्डन के लिए भी देखभाल करने और माली के भी पैसे देते है यदि हम जैसे पेड़ लगा के गए वैसे यहां भी लगा के छोड़ दो क्या जरूरत है इतने पैसे खर्च करने की ।हम पैसे इसलिए खर्च करते हैं ताकि उसका संरक्षण हो और वो हरे भरे रहे। मेरे कहने का ये मतलब है कि यदि हम पेड़ लगा रहे हैं तो उसके संरक्षण का भी ध्यान रखे तभी हमारे पेड़ लगाने का मकसद पूरा होगा।उसके लिए हम ये कर सकते है की जहां हमने पेड़ लगाये थे वहां हर संडे परिवार के साथ उस स्थान पर जाए और पानी दे जरूरी खाद भी डाल आये और जहां तक हो ये काम हम अपने घर के छोटे बच्चों को करने दे और पेड़ के महत्व को समझाए की वो है तो हम है ये ना हो तो मानवजाति लुप्त हो जाएगी जैसे कई जानवर इस दुनिया से लुप्त होते जा रहे है।इस करने से हम उनमें अच्छे संस्कार निर्माण करेंगें और ऐसा करने से आने वाली पीढ़ी में जागरूकता बढ़ेगी। आज कल बच्चे कंप्यूटर गेम टीवी में ही खोये रहते है हम इनसब से बाहर निकलने के लिए अपने घरों में अलग-अलग तरह के पेड़ लाके उनको उस पेड़ के बारे में बताए उनके नाम ढूंढने और सुबह शाम पानी देने लगाए हफ्ते में खाद देने का और उससे दोस्ती कराए जिससे पेड़ का संरक्षण भी होगा और बच्चे टीवी और कंप्यूटर गेम से बाहर आयेंगें उन्हें कहानी की तरह पेड़ों की कहानी बता सकते है जैसे हमारे समाज में बहुत से पेड़ों की पूजा की जाती है उनकी कहानी बता सकते है इससे उनके महत्व को बच्चे और भी अच्छे से समझ सकते है मनघड़न कहानी से अच्छा ये कहानी सुनाई जाए तो उनमें अच्छे संस्कार भी पड़ेगें। शायद आप लोग समझ गए होंगे कि मैं आप लोगों को क्या समझना चाहती हूं ।आज इस दुनिया को बचाना है तो हम जितना ज्यादा पेड़ लगाए उतना ही अच्छा है ये काम हम पेड़ संरक्षण के लिए नहीं खुद के लिए कर रहे है ये बात हमें याद रखनी चाहिए यदि हम ये महत्वपूर्ण काम नहीं करेंगे तो शायद एक दिन ऐसा आएगा कि हम भी विलुप्त हो जाएंगे और ये मानवजाति ही न हो । वर्षा गलपांडे

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