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बंधन

बंधन

बंधन शब्द बहुत प्यार शब्द है जब भी हम ये शब्द सुनते है तो दिमाग में बहुत से रिश्ते सामने आजाते है।बंधन में बहुत से वादे होते है।बहुत सारा प्यार होता है बहुत नाजुक रिश्ता होता है बंधन का। कोई भी व्यक्ति जन्म से ही इस बंधन शब्द से जुड़ता चला जाता है जब वो पैदा होता है तो हमारे माता पिता से एक बंधन जुड़ जाता है।जब बड़े होते है तो भी बहन से बंधन जुड़ता है जब स्कूल जाते है तो दोस्तों से बंधन होता है बड़े होने पर शादी हुई तो पत्नी के साथ बंधन में बंध जातें है।फिर बच्चे होने पर उसके जिमेदारी का बंधन ।इन सब बंधन में तीन बंधन होते है जो बहुत महत्व पूर्ण होते है।पहला भाई-बहन का बंधन जब बहन भाई को राखी बांधती है तो वो बंधन में बहुत से वादे होते है जिन वादों को निभाने का वचन भी देता है। वैसा ही पति-पत्नी का बंधन होता है जिसमे एक पति शादी के वक्त अपनी पत्नी को सात वचन देता है उसी प्रकार एक पिता भी अपनी बेटी को कई वादा करता है। हर बंधन में एक वादा जरूर होता है सुरक्षा का और अपनों को खुशी देने का ,हर परिस्थिति में उनकी जरूरत को पूरा करने का।बस विश्वास पर टिका होता है बंधन का संसार।मनुष्य के जीवन में जन्म से मरने तक ये बंधन का चक्र चलता ही रहता है । जो भी हो ये रिश्तों के बंधन से हमें बहुत सारा प्यार,सम्मान और इज्जत मिलती है और इन्ही रिश्तों के बंधन के इर्द गिर्द हमारी दुनिया बस्ती है । वर्षा गलपाण्डे

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