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खबरीलाल रिपोर्ट (वृंदावन) ::- डॉ अरोड़ा ने अपनी पुस्तक जल - अमृत या विष पूज्य शंकराचार्य महाराज के चरणों मे अर्पित किया।।

खबरीलाल रिपोर्ट (वृंदावन) ::- डॉ अरोड़ा ने अपनी पुस्तक जल - अमृत या विष पूज्य शंकराचार्य महाराज के चरणों मे अर्पित किया।।

ज्योतिष एवं द्वारका शारदा पीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज के 68 वें चातुर्मास्य व्रत अनुष्ठान में पधारे सर गंगाराम हॉस्पिटल , नई दिल्ली के आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ परमेश्वर अरोड़ा ने अपनी किताब " जल - अमृत या विष ? पूज्यपाद शंकराचार्य महाराज के चरणों मे अर्पित किया तथा उपस्थित संत, महात्मा एवं भक्तों को बताया कि कौन से समय मे पानी पीना चाहिए और शीतल या गुनगुना पानी में से कौन सा सेहत के लिए फायदेमंद है। डॉ अरोड़ा ने वेद के अध्ययन के बाद रिसर्च कर इस पुस्तक को लिखा और मूर्त रूप दिया। पूज्य शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती जी महाराज ने डॉ अरोड़ा के कथन को सुनकर तथा पुस्तक का अवलोकन कर अपनी राय देते हुए भक्तों एवं उपस्थित श्रद्धालुओं से कहा कि आज के समय मे पूरा पानी अशुद्ध हो गया है। हमारे देश के नदियों , तालाबों में दूषित जलों का प्रवाह हो रहा है जिससे पानी पीने योग्य तक नहीं रहा। आज आरओ का पानी, बोतल बन्द पानी आदि सब शुद्ध नहीं रहे। रासायनिक खाद से अन्न दूषित हो रहा है, शाक-सब्जी में कीटनाशक डाले जा रहे हैं, सब्जियों का रंग रोगन भी हो रहा है तो ऐसे में व्यक्ति कैसे स्वस्थ रह सकता है ? आगे पूज्य महाराजश्री ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने चिकित्सक के सलाह पर चलना चाहिए साथ ही अपने खान-पान को शुद्ध रखना चाहिए। हमारा आहार ही हमे स्वस्थ रखता है और ताकत के साथ साथ ऊर्जा प्रदान करता है। आज लोग गोबर खाद की जगह रासायनिक खाद का भरपूर उपयोग कर रहे हैं जिससे अशुद्ध अनाज हमे प्राप्त हो रहे हैं। पूज्य महाराजश्री ने प्रत्येक से यह भी कहा कि रोजाना कसरत, चलना, साईकल चलाना आदि करें जिससे शारीरिक परिश्रम हो और आपके शरीर के प्रत्येक अंग प्रत्यंग भी स्वस्थ रहे।

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