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बलौदाबाजार की राजनीति के शिखर पुरुष रहे पंडित बंसराज तिवारी का अवतरण दिवस आज, जानिए बलौदा बाजार के विकास में उनके योगदान को और उनके जीवन के संघर्षों की कहानी .....

बलौदाबाजार की राजनीति के शिखर पुरुष रहे पंडित बंसराज तिवारी का अवतरण दिवस आज, जानिए बलौदा बाजार के विकास में उनके योगदान को और उनके जीवन के संघर्षों की कहानी .....

बलोदा बाजार -  बलौदा बाजार की राजनीति के इतिहास पुरुष रहे पंडित बंसराज तिवारी का अवतरण दिवस है। उनके समय में बलोदा बाजार साधन सुविधा विहीन हुआ करता था। उस समय वह विधायक निर्वाचित होकर बलोदा बाजार के लिए अविस्मरणीय योगदान देकर बलोदा बाजार को एक नए शिखर तक पहुंचाया । उन सुविधाओं को उपलब्ध करवाया जो बलोदा बाजार में नहीं थी। आज हम जानते हैं राजनीति के उस महापुरुष की जीवन गाथा। 

  पं. बंशराज तिवारी का जन्म बलौदाबाजार के तत्कालीन पटेल सेनी टेशन पंचायत के अध्यक्ष एवं मुकद्दम पं. महावीर प्रसाद तिवारी के पुत्र रूप मे 6 मई 1925 को हुआ था। बाल्यावस्था मे ही पिता के स्वर्गारोहण के उपरांत बंशराज जी अल्पायु मे ही पटेल के पद पर पदस्थ हुए।महात्मा गांधी जी की प्रेरणा से सन 1940मे पटेल पद से इस्तीफा देकर स्वतंत्रता आंदोलन मे सक्रिय भूमिका निभाई। सन 1946मे बंशराज जी कांग्रेस समाजवादी पार्टी के सक्रिय सदस्य रहे। विधि स्नातक उत्तीर्ण बंशराज जी ने बलौदाबाजार मे वकालत प्रारंभ की। वकालत के साथ साथ राजनीतिक रूप से सक्रिय रहे हुए बंशराज जी ने असहाय और कमजोर लोंगो की भरपूर मदद की। बार कौंसिल बलौदाबाजार मे सचिव रहते हुए उन्होंने पृथक छत्तीसगढ राज्य एवं बलौदाबाजार को जिला बनाने के लिए अपनी आवाज मुखर की। आपातकाल के दौरान बंशराज जी ने अपने साथियों सहित बलौदाबाजार मे तत्कालीन दमनकारी सरकार के विरुद्ध जुलूस निकाला जिसके फलस्वरूप वह गिरफ्तार कर लिए गए और उन पर राजद्रोह का मामला चला।समाजवादी नेता मधु लिमये, जार्ज फर्नांडिस आदि के साथ सेंट्रल जेल रायपुर मे रहे। सन 1977 मे आपातकाल समाप्त होने के बाद जब देश मे जनता पार्टी की सरकार बनी तब बंशराज तिवारी जी बलौदाबाजार विधानसभा से विधायक निर्वाचित हुए और सन 1977 से 1980 के बीच विधायक रहते हुए उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए अप्रत्याशित कार्य किए जिसमे बलौदाबाजार नगर को पानी की किल्लत से निजात दिलाने के लिए शिवनाथ नदी मे सोनाडीह से बलौदाबाजार नगर तक पाईप लाईन के द्वारा जल प्रदाय योजना लाकर पानी उपलब्ध कराना, बलौदाबाजार नगर को गावों से जोड़ने के लिए सडको एवं पूल पूलियों का निर्माण, खोरसी नाला पर बडे पूल का निर्माण, बलौदाबाजार न्यायालय मे अतिरिक्त जिला सत्र न्यायालय की स्थापना, क्षेत्र के एकमात्र निजी महाविद्यालय को शासन के आधिन करके सुविधाजनक बनाना,नगर मे टेलीफोन एक्सचेंज, डाकघर, पानी टंकी का निर्माण, शासकीय अस्पताल को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से बड़े अस्पताल का स्वरूप देना आदि कार्य प्रमुख रूप से शामिल रहे। सन 2001मे पं. बंशराज तिवारी द्वारा अपनी पत्नी श्रीमती चंदा देवी तिवारी के देहावसान के पश्चात उनकी याद मे चंदा देवी तिवारी हास्पिटल की स्थापना की गई जिसका संचालन क्षेत्र के प्रसिद्ध चिकित्सक प्रमोद तिवारी द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया। 9फरवरी 2006 को बंशराज तिवारी जी का स्वर्गारोहण हुआ और उनकी याद मे चंदा देवी तिवारी हास्पिटल बलौदाबाजार प्रत्येक वर्ष नि:शुल्क रोग निदान शिविर का आयोजन किया जाता रहा है जिसमे अभी तक हजारों जरूरत मंद लाभांवित हो चुके हैं।बंशराज जी की याद मे उनके पुत्र डा.प्रमोद तिवारी द्वारा मुख्य मार्ग बलौदाबाजार के चौड़ीकरण के लिए करोड़ों की जमीन शासन को दान की गई जिसके बाद बलौदाबाजार मुख्य मार्ग पं. बंशराज तिवारी के नाम से जाना जाता है

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