विशेष

बच्चों ने रखा रोजा, कहा- अल्लाह की इबादत कर कोरोना दूर भगाना है

बच्चों ने रखा रोजा, कहा- अल्लाह की इबादत कर कोरोना दूर भगाना है

बैकुंठपुर- इस्लाम के पवित्र माह रमजान में पिछले साल की तरह लोग घरों में इबादत कर रहे हैं। रोजा रखने में छोटे बच्चे भी पीछे नहीं है। बच्चे न सिर्फ रोजा रख रहे हैं, बल्कि नमाज अता कर कोरोना से मुक्ति के लिए दुआ कर रहे हैं। पूरी दुनिया में कोरोना महामारी फैली हुई है। लोग भयभीत हैं और लॉकडाउन की वजह से घरों में कैद हैं। ऐसे में खुदा की इबादत कर बस यही दुआ है कि दुनिया कोरोना से मुक्त हो जाए। शनिवार को रमजान माह के चौथे दिन मुस्लिम समुदाय के लाेगाें ने सवेरे से रोजा रखकर भूखे प्यासे शाम को इफ्तार के समय रोजा खोला। इसके बाद रब का शुक्रिया अता किया। बता दें कि हर साल की तरह भीषण गर्मी में रमजान शुरू हुआ है। 38 डिग्री के तापमान व कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच कई तरह की परेशानियां रोजेदारों हो रही हैं, लेकिन इससे वह डगमग नहीं हैं, अल्लाह के लिए सबकी आस्था दोगुनी हो गई है। मुस्लिम समुदाय के घर, मोहल्लों में रमजान को लेकर उत्साह दिख रहा है। राेजेदाराें सुबह जल्दी उठकर परिजनों के साथ सहरी कर रहे हैं, और दिनभर रोजे का पूरे नियम के साथ पालन कर रहे हैं। इसमें खासकर ऐसे बच्चे अधिक उत्साहित हैं जो अपने जीवन में पहली बार रोजा रख रहे हैं। चिरमिरी पोड़ी के रेयान अली, सुफियान सिद्धिकी, सहन अख्तर खान, सादिया अली, अयान सिद्धिकी, जुनेरा फातिमा बताते है कि रोजा रखकर काफी खुशी हो रही है। उनका कहना था कि निश्चित तौर पर इस रमजान महीने में की जाने वाली इबादत से कोरोना वायरस से छुटकारा मिलेगा। बच्चों ने कहा कि वे सजदा के साथ अल्लाह की इबादत कर रहे है। रोजा के दौरान अल्लाह से नेक दिल बनने और खूब शिक्षा अर्जित करने की दुआ मांग रहे है। जुम्मे पर घर से नमाज अता करने की अपील : बैकुंठपुर जामा मस्जिद के इमाम वाहिद अली ने बताया कि काेराेना के गाइडलाइन का पालन करते हुए रोजेदारों को घरों पर ही नमाज अता करना है। माहे रमजान की मुबारकबाद देते हुए कहा है कि इस बार इफ्तार में पड़ोस के जरूरतमंद लोगों की मदद भी करें। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर लोग घरों पर ही परिवार के साथ रोजा इफ्तार करें। उन्हांेने कहा कि काेराेना संक्रमण काे देखते हुए घर पर ही नमाज अता करें।

Leave a comment