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छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले से दो शिक्षक की सामने आई ऐसी तस्वीरें , पढ़े क्या है पूरा मामला

छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले से दो शिक्षक की सामने आई ऐसी तस्वीरें , पढ़े क्या है पूरा मामला

छत्तीसगढ़ कोरिया से सरवर अली की रिपोर्ट....

कुछ दिनों पहले कोरिया जिले में एक शिक्षक की ऐसा तस्वीर  हमने दिखाई थी  अशोक लौधी  शिक्षक सिनेमा वाले बाबू कहे जाने वाले... बाईक में LEDTV बांध कर पहुंच रहे जहा छात्र-छात्राओं के पास पहुंचकर शिक्षा दे रहे हैं 

अब छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले शिक्षक रुद्र मोटरसाइकिल में छतरी, घण्टी, ब्लैक बोर्ड और माईक के साथ हमेशा मौजूद...घण्टी की आवाज से दौड़े आते है बच्चें....शिक्षक मोटरसाइकिल में बांध के छाता रुद्र पहुचते है लेने मोहल्ला क्लास...रौजाना राष्ट गान के बाद यहाँ होती है पढ़ाई.... कोरोना काल मे बेहतर शिक्षा देने का बीड़ा उठाया रुद्र ने निजी खर्चो में बच्चों को दे रहे  शिक्षा...

आप को पता है की कोविड-19 कोरोना महामारी की वजह से स्कूल बंद हैं। इस वजह से छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग की ओर से वर्चुअल क्लास, मोहल्ला क्लास और लाउडस्पीकर के माध्यम से पढ़ाई कराई जा रही है। सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए एक साथ सभी बच्चों को साथ बैठाना भी जोखिम भरा है। इसलिए शिक्षा विभाग की ओर से गांव - गांव चलाए रहे मोहल्ला क्लास सफल साबित हो रहे है। शिक्षा के क्षेत्र में ऐसी मदद से पढ़ाई का अच्छा माहौल तैयार हो रहा हैं जिसमें बच्चें भी बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते दिखाई दे रहे हैं ।

आज हम बात करेंगे एक और अजब गजब छतरी वाले शिक्षक की जो छत्तीसगढ़ कोरिया जिला मुख्यालय से लगभग 70 किलोमीटर दूर कोरिया और पेंड्रा जिला के सरहदी इलाका या यूं कहें कि जिला कोरिया का वो अंतिम स्कूल जो ग्राम सकड़ा में प्राथमिक शाला सकड़ा के नाम से जाना जाता हैं। यहाँ के शिक्षक रुद्र प्रताप सिंह राणा अपनी मोटरसाइकिल में छतरी, एक सूटकेस में पुस्तकालय, माईक, घण्टी, ब्लैक बोर्ड लेकर बच्चों को पढ़ाने मोहल्ला क्लास में पहुचते हैं और प्राथमिक शाला सकड़ा के आसपास गुरच्वापारा, पटेल पारा, स्कूल पारा, बिही पारा, मुहारी पारा में मोहल्ला क्लास आयोजित कर बच्चों में शिक्षा की अलख जगा रहे हैं। यहाँ हम आपको बता दे कि शिक्षक रुद्र प्रताप सिंह राणा रौजाना पेंड्रा मरवाही जिले के लगभग 40 किलोमीटर दूर ग्राम प्रारासी से आना जाना करते हैं। 

छतरी वाले बाबू रुद्र प्रताप सिंह राणा शिक्षक जिस भी मोहल्लों में मोहल्ला क्लास लेने जाते है, तो सर्वप्रथम मोहल्ला पहुच कर अपनी मोटरसाइकिल को स्टैंड में खड़ा कर घण्टी बजाते है जिसे सुन कर मोहल्ला के सभी बच्चें कहीं भी रहे दौड़ते भागते अपने - अपने घरों के बाहर झज्जे में चटाई, स्कूल बैग लेकर मौहल्ला क्लास में शामिल होते है और फिर मोहल्ला क्लास शुरू करने से पहले अपनी - अपनी जगहों में खड़े हो कर राष्ट गान गया जाता है जिसके बाद पढ़ाई प्रारम्भ होती है। यह परिक्रिया रौजाना सभी मोहल्ला क्लास में अपनाई जाती है। छतरी वाले बाबू रुद्र प्रताप सिंह राणा गीतों के माध्यम से अपनी सूटकेस में रखे पुस्तको से बेहतर शिक्षा मुहैया कराने का प्रयास कर रहें है।

छतरी वाले बाबू रुद्र प्रताप सिंह राणा ने बताया कि जिस दिन से मोहल्ला क्लास शुरू हुई है उस दिन से बच्चे भी बड़ी उत्सुकता से इस क्लास में शामिल हो रहे हैं। सही मायने में यह मोहल्ला क्लास बच्चों को कोरोना से बचा रही है और कोरोनकाल में शिक्षा के नजदीक ला रही है। मेरा मोहल्ला क्लास गांव के लम्बी गलियों के बीचों बीच संचालित होता है जो चारों ओर से खुला है। बारिश हो या आंधी, बच्चे अपने घरों के बहार झज्जे के नीचे बैठ कर पढ़ते हैं और मैं छाते के नीचे खड़े हो कर पढ़ाता हु। यह छतरी मुझे धूप - बारिश से बचाता है और ग्रामीणों सहित बच्चों को मेरा यह अनोखा तरीका बेहद पसंद आता हैं।


जितेंद्र कुमार गुप्ता विकास खण्ड मॉनिटरिंग अधिकारी खड़गवां ने तारीफ करते हुए बताया कि नित नए नवाचार किए जाते है इनके द्वारा बच्चों के सामने एक आकर्षक शाला प्रस्तुत की जाती है। इनके द्वारा बेहतर पढ़ाई का एक बेहतर माहौल बनाया गया है। इस तरह के शिक्षा को देख कर अन्य और भी शिक्षक जरूर जागरूक होंगे ऐसा आशा मैं करता हु।

कुछ दिन पहले हमनें आपको सिनेमा वाले बाबू अशोक लोधी के बारे में बताया था जिन्होंने अपनी मोटरसाइकिल में LED TV बांध कर मोहल्ला क्लास में बच्चों को पढ़ाते दिखाया था।

कोरिया जिला मुख्यालय से सटे सलका संकुल क्षेत्र के ग्राम पंचायत सारा, गदबदी, रटन्गा, ढोड़ी बहरा, जलियांढांड में सिनेमा वाले बाबू यानी अशोक लौधी रौजाना सुबह अपनी मोटरसाइकिल में LED TV बांध कर बच्चों के पढ़ाई के लिए निकल जाते है और मौहल्ला - मौहल्ला जा कर घरों में एकत्र हुए ग्रामीण बच्चों को मोबाईल से वाई फाई कनेक्ट कर TV पर कार्टून, संगीत के माध्यम से पढ़ाई कराते है।सिनेमा वाले बाबू अशोक लौधी शासकीय प्राथमिक शाला फाटपानी के शिक्षक हैं जिन्होंने बताया कि मोटरसाइकिल चलित वाहन पर एलईडी टीवी बांधकर चौराहे-चौराहे एवं मोहल्ले में सिनेमा दिखा कर बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का एक छोटा सा प्रयास मेरे द्वारा किया जा रहा हैं।

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