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छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में एक शिक्षक की ऐसा तस्वीर,अशोक लौधी शिक्षक सिनेमा वाले बाबू कहे जाने वाले,बाईक में LEDTV बांध कर पहुंच रहे जहा छात्र-छात्राओं के पास

छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में एक शिक्षक की ऐसा तस्वीर,अशोक लौधी शिक्षक सिनेमा वाले बाबू कहे जाने वाले,बाईक में LEDTV बांध कर पहुंच रहे जहा छात्र-छात्राओं के पास

कोरिया से सरवर अली की रिपोर्ट

कोरिया:-छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में एक शिक्षक की ऐसा तस्वीर .... अशोक लौधी शिक्षक सिनेमा वाले बाबू कहे जाने वाले... बाईक में LEDTV बांध कर पहुंच रहे जहा छात्र-छात्राओं के पास पहुंचकर शिक्षा दे रहे हैं .. बच्चे इन्हें सिनेमा वालेे गुरु जी कहते हैं।

देश में कोरोना महामारी के दस्तक एवं खतरे को भांपते हुए शासन के द्वारा जैसे ही लॉकडाउन की घोषणा हुई, शहर, गांव, देश सब रूक से गए थे और कोरोना संक्रमण के बीच लंबे समय से स्कूलों की छुट्‌टी कर दी गई थी। बच्चे कई माह पढ़ाई से वंचित रहे। बच्चों की होने वाली पढ़ाई बाधित होते देखकर शिक्षा विभाग ने पढ़ई तुंहर दुआर नामक शिक्षा की शुरुआत की। अब शिक्षकों द्वारा प्रतिदिन छात्र-छात्राओं को मोहल्ला क्लास लगा कर शिक्षा दी जा रही है।

सुनने में जरूर यह थोड़ा अजीब लगा हो पर वाकई शिक्षक हो तो ऐसा, जिन्होंने कोरोना काल मे बच्चों को बेहतर शिक्षा उनके घरों मुहल्लों में देने की तरकीब क्या खूब निकाली है।

इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के कोरिया जिला मुख्यालय से सटे सलका संकुल क्षेत्र के ग्राम पंचायत सारा, गदबदी, रटन्गा, ढोड़ी बहरा, जलियांढांड में सिनेमा वाले बाबू यानी अशोक लौधी रौजाना सुबह अपनी मोटरसाइकिल में lED TV बांध कर बच्चों के पढ़ाई के लिए निकल जाते है और मौहल्ला - मौहल्ला जा कर घरों में एकत्र हुए ग्रामीण बच्चों को मोबाईल से वाई फाई कनेक्ट कर TV पर कार्टून, संगीत के माध्यम से पढ़ाई कराते है। सिनेमा वाले बाबू अशोक लौधी शासकीय प्राथमिक शाला फाटपानी के शिक्षक हैं जिन्होंने बताया कि मोटरसाइकिल चलित वाहन पर एलईडी टीवी बांधकर चौराहे-चौराहे एवं मोहल्ले में सिनेमा दिखा कर बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का एक छोटा सा प्रयास मेरे द्वारा किया जा रहा हैं। मुझे और मेरे इस गतिविधि को सिनेमा वाले बाबू के नाम से लोग अब पहचान मिलने लगी है। यह गतिविधि अब स्कूल तक ही सीमित नहीं है अपितु संकुल के अन्य स्कूल ग्राम पंचायत के मोहल्लों में जाकर बच्चों को वीडियो दिखा कर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास कर रहा हु और सिनेमा वाला बाबू एलईडी टीवी के द्वारा वीडियो दिखाकर 1 से 5 कक्षा के विभिन्न विषयों को वीडियो के माध्यम से दिखाने से बच्चों में उत्सुकता बढ़ गई। बच्चे बहुत ही मनोरंजक ढंग से विषय वस्तु को सीख रहे हैं। नियमित उपस्थित होकर विभिन्न गतिविधियों में भी भाग भी ले रहे है। मुझे खुशी हैं कि बच्चों को सिनेमा वाले बाबू का इंतजार समयानुसार रहता है वे मेरे आने का रास्ता देखते है जिससे मुझे काफी खुशी हैं।

आपको बता दे कि 5 माह से स्कूल बंद है और बच्चे पढ़ाई से दूर होते जा रहे हैं। ऐसे में सरकार बच्चों को पढ़ाई से जोड़े रखने के लिए कई योजनाएं लागू कर रखी है। ऑनलाइन और वर्चुअल क्लास के साथ अब सरकार बिना स्कूल खोले ऑफलाइन क्लास लेने मोहल्ला क्लास का फैसला ली है। जो कोरिया में सही और सफल साबित होते दिखाई दे रही है।LED TV के माध्यम से पढ़ाई का बच्चों में खासा प्रभाव दिख रहा है। बच्चों को उनके मौहल्लों और घरों में पढ़ाई वो भी इस हाईटेक तरीके से बेहद पसंद आ रहा है। बच्चें किताबों के पाठ्यक्रम के साथ कार्टून के माध्यम से बेहतर शिक्षा ग्रहण कर रहें है जिनसे बच्चों में खुशी है।

शिक्षा विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार प्रत्येक गांव मोहल्ला में संक्रमण के खतरे को देखते हुये सोशल डिस्टेंसिंग में कक्षा लगाई जा रही है। यह क्लास ब्लाक के लगभग स्कूलों में लगाई जा रही है। बच्चें कम जगह होने के वावजूद एकदूसरे से दूर बैठ कर चेहरे पर मास्क लगा पढ़ाई कर रहे है।

हाल ही में छत्तीसगढ़ प्रमुख शिक्षा सचिव डॉ आलोक शुक्ला का कोरिया दौरा हुआ, उन्होंने भी सिनेमा वाले बाबू अशोक लौधी के इस कार्य की सराहना करते हुए जिला प्रशासन की भी तारीफ की थी। उन्होंने इस दौरान कहा कि कोरोना काल मे भी कोरिया में शिक्षा की रफ्तार कम नही हुई है शिक्षा के अलख जगाने वाले शिक्षक अलग - अलग पद्धति से शिक्षा दे रहे हैं। बच्चों को ऐसी विषम परिस्थिति में शिक्षा से जोड़कर रखे हैं इस दौरान अशोक लौधी शिक्षक की तारीफ करते नही थके जो बाइक में घुमघुमकर LED TV के माध्यम से मोहल्ले मोहल्ले में जाकर पढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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